बाराबंकी में गर्मी का कहर: पारा 44 पार, जनता बेहाल, बिजली संकट ने रुलाया

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Edited By Amrit Vichar
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बाराबंकी/अमृत विचार। भीषण गर्मी और उमस ने जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। शनिवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने मौसम की मार को और तीखा बना दिया। वहीं, पुरवा हवाओं और उमस ने हालात और खराब कर दिए हैं। इस भयंकर गर्मी के बीच सबसे ज्यादा परेशानी स्थानीय बिजली खामियों के चलते हो रही बिजली कटौती से हो रही है।

आलम यह है कि दिन का समय तो लोग किसी तरह काट ले रहे लेकिन रात के समय की बार-बार होने वाली बिजली कटौती जनता के आक्रोश का कारण बन रही है। शहर से लेकर गांव तक हर गली-मोहल्ले में अब केवल एक ही चर्चा है “हाय गर्मी, उफ गर्मी”। पंखा, कूलर और अन्य उपाय भी इस उमस और तापमान के सामने फेल हो गए हैं। सुबह-शाम की ठंडी हवा की उम्मीदें भी लगातार धूमिल होती जा रही।

गुरुवार और शुक्रवार की तरह शनिवार दोपहर भी शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। लोग ज़रूरी कामों के अलावा घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। बाजारों में भी ग्राहकों की संख्या लगातार घटती जा रही है। हालात यह हैं कि बिजली विभाग भी अपने वादों और व्यवस्थाओं पर खरा नहीं उतर पा रहा है।

गर्मी और लोड बढ़ने से ट्रांसफॉर्मरों की जर्जर हालत और पुराने उपकरणों के चलते आपूर्ति व्यवस्था बार-बार बाधित हो रही है। रात में एक से अधिक बार होने वाली बिजली कटौती से लोग नींद पूरी नहीं कर पा रहे और नींद की कमी के चलते स्वास्थ्य पर भी असर पड़ने लगा है।

बिजली आपूर्ति के सबसे बदतर हालात ग्रामीण क्षेत्र में हैं, जहां बिजली का कुछ घंटे ठहरना भी बड़ी बात कही जा रही। उधर मौसम विभाग ने फिलहाल बारिश की संभावना से इनकार किया है, जिससे आमजन की उम्मीदों को एक और झटका लगा है। ऐसे में अब सिर्फ आसमान की ओर नजरें टिकाए लोग एक ही आस लगाए हैं, बरसे मेघ और मिले राहत।

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