लखीमपुर खीरी: बकरे को निगल गया अजगर...वन विभाग की टीम से लोगों की नोकझोंक

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Edited By Amrit Vichar
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बांकेगंज, अमृत विचार। मैलानी वन क्षेत्र के जटपुरा बीट में ढाका गांव में अजगर ने एक बकरे को निवाला बना लिया। ग्रामीणों के जमीन पर लाठी पीटने से अजगर मृत बकरे को छोड़कर चला गया।

ढाका गांव निवासी रामकिशुन ने बताया कि उनके परिवार के सदस्य गांव के नजदीक खेतों में बकरियां चरा रहे थे। इसी बीच अजगर ने बकरे का मुंह पकड़ लिया और उसे निगलने लगा। उसके चिल्लाने और छटपटाने की आवाज सुनकर आसपास खेतों में कार्य कर रहे और बकरियां चरा रहे लोग दौड़े। सामने अजगर को देख वह भयभीत हो गए परंतु किसी तरह हिम्मत करके वह लाठी डंडे को जमीन पर मारने लगे। इससे अजगर मृत बकरे को छोड़कर खेतों में चला गया। 

रामकिशुरन ने इसकी सूचना वन दरोगा राजाराम तिवारी को दी। जिससे वह अपने सहयोगियों फॉरेस्ट गार्ड हरेंद्र यादव, वाचर पिंटू के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने जब अपने अधिकारियों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि अजगर द्वारा पशु को निवाला बनाए जाने पर किसी प्रकार का कोई मुआवजा नहीं दिया जाता है। इससे ग्रामीणों और वन दरोगा में तीखी नोकझोंक हुई परंतु कोई हल निकलता न दिखा।

रामकिशुन ने अपने बकरे को वहीं जमीन में दफना दिया। घटना के करीब ढाई घंटे बाद मैलानी रेंजर भी गांव में पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया परंतु मुआवजे के संबंध में कुछ कहना उचित नहीं समझा। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ उन्हें पहले से ही परेशान किए हैं। दो दर्जन से अधिक जानवरों को दो महीने में निवाला बना चुका है। ऊपर से अजगर भी गांव के नजदीक आ चुका है। रामकिशुन कहते हैं कि पूरी रात जागते हुए बीत जाती है। रेंजर मैलानी साजिद हसन अजगर द्वारा पालतू पशु को मारे जाने पर मुआवजा मिलने का प्रावधान है या नहीं इसकी पुष्टि जब उच्च अधिकारियों से कर लूंगा, तभी बता पाऊंगा।
 

 

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