मुरादाबाद : फर्म में ताला और कागजों में लाखों रुपये के कारोबार
मुरादाबाद,अमृत विचार। जीएसटी घोटालेबाजों ने अधिकारियों की आंखे खोल दी। अब तक जांच में जो सामने आया, वह काफी हैरान कर देने वाला रहा। फर्जी निर्यातकों को माल सप्लाई करने वाले इन कारोबारियों की फर्म ही सालों पहले बंद हो चुकी थी। उसमें ताला लगने के बाद भी कागजों में सप्लाई दिखाकर सरकार को चूना …
मुरादाबाद,अमृत विचार। जीएसटी घोटालेबाजों ने अधिकारियों की आंखे खोल दी। अब तक जांच में जो सामने आया, वह काफी हैरान कर देने वाला रहा। फर्जी निर्यातकों को माल सप्लाई करने वाले इन कारोबारियों की फर्म ही सालों पहले बंद हो चुकी थी। उसमें ताला लगने के बाद भी कागजों में सप्लाई दिखाकर सरकार को चूना लगाने के प्रयास में जुटे थे।
दरअसल उन्होंने निर्यातकों को कोई माल ही नहीं भेजा था। जब इस बात का खुलासा हुआ तो अधिकारियों की आंखें खुली की खुली रह गईं। फौरन इस विभाग के अधिकारियों के एक दस्ते ने उन सप्लायर्स पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी। शुक्रवार को एक टीम मुरादाबाद और रामपुर जिले के करीब साठ सप्लायर्स के इस खेल का खुलासा करने में जुटी रही।
विभाग का दावा है कि जल्द ही सप्लायर्स के चेहरे बेनकाब करने में वे कामयाब होंगे। ढाई साल पहले करोड़ों के जीएसटी घोटाले ने कस्टम विभाग में हड़कंप मचा दिया था। यह खलबली निर्यातकों में भी खूब मची थी। फौरन निर्यातकों का जीएसटी रिफंड रोक दिया गया था और इस विभाग ने इस घोटाले की जांच शुरू कर दी थी। कस्टम विभाग में सीजीएसटी एंड सेंट्रल एक्साइस की टीम तब से इस पर जांच कर रही है।
निर्यातकों की जांच पहले ही की जा चुकी है, इसमें करीब एक दर्जन निर्यातकों ने दस्तावेज ही इस विभाग को नहीं सौंपे तो उनको दोषी मान लिया गया है। साठ सप्लायर्स भी विभाग की रडार पर हैं।
सूत्र कहते हैं कि माल सप्लाई करने वालों की जांच लगभग पूरी होने को है। रामपुर और मुरादाबाद के इन लोगों का भौतिक सत्यापन भी किया गया है। तीन नाम ऐसे सामने आए हैं जिनकी फर्म केवल कागजों में रही, वास्तविक रूप से उनकी फर्म पायी ही नहीं गई। करीब साठ सदस्य हैं, जिनकी जांच चल रही है।
माल सप्लाई करने वाले सप्लायर्स की जांच शुरू होगी
निर्यातकों को माल देने वाले फर्म की जांच पूरी होने के बाद उनको माल सप्लाई करने वाले सप्लायर्स की जांच शुरू होगी। इस घोटाले की जांच कस्टम विभाग तीन चरण में कर रहा है। पहले चरण में उसने निर्यातकों की जांच की थी, फिर जो निर्यातक फर्जी पाए गए, उनके सप्लायर्स की जांच शुरू कर दी गई। इसके बाद दोषी सप्लायर्स की जांच शुरू कर दी जाएगी। जीएसटी घोटाले की इन तीनों परतों को खोलने में अगले साल के कई महीने विभाग को लग सकते हैं।
60 से अधिक सप्लायर्स हैं, जिनकी जांच चल रही है। मुरादाबाद और रामपुर के इन सप्लायर्स की जांच अब अंतिम चरण में है। इसे इसी सप्ताह पूरा कर लिया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही फर्जी सप्लायर्स के नाम उजागर किए जाएंगे। जीएसटी घोटाले में शामिल निर्यातकों के नाम भी पूरी जांच के बाद ही बताए जा सकेंगे।-शोभित सिन्हा, डिप्टी कमिश्नर, सीजीएसटी एंड सेंट्रल एक्साइस
