लखनऊ: पदोन्नति में आरक्षण का बिल लटकाकर किया जा रहा है अपमानि​त

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखनऊ। डा. भीमराव अम्बेडकर के 65वें परिनिर्वाण दिवस पर पूरे प्रदेश में आठ लाख आरक्षण समर्थकों ने सभी जनपदों में बाबा साहब को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान प्रान्तीय संयोजक मंडल द्वारा फील्ड हास्टल में बाबा साहब को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए आरक्षण को बचाने का संकल्प लिया गया। सभी जनपदों में आरक्षण समर्थकों …

लखनऊ। डा. भीमराव अम्बेडकर के 65वें परिनिर्वाण दिवस पर पूरे प्रदेश में आठ लाख आरक्षण समर्थकों ने सभी जनपदों में बाबा साहब को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान प्रान्तीय संयोजक मंडल द्वारा फील्ड हास्टल में बाबा साहब को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए आरक्षण को बचाने का संकल्प लिया गया। सभी जनपदों में आरक्षण समर्थकों द्वारा इस अवसर पर आरक्षण पर हो रहे लगातार कुठाराघात को रोकने का संकल्प लिया और कहा जब तक बाबा साहब द्वारा बनायी गयी संवैधानिक व्यवस्था के तहत आठ वर्षों से लम्बित पदोन्नति में आरक्षण का बिल पारित नहीं हो जाता तब तक आरक्षण समर्थक चुप नहीं बैठेंगे।

पूरे देश में केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा पदोन्नति में आरक्षण का बिल लम्बित रखकर करोड़ों दलित कार्मिकों को अपमानित कराया जा रहा है। वर्तमान में जहां इस अवसर पर आरक्षण समर्थकों ने अपने भाग्यविधाता को याद करते हुए उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए, वहीं दूसरी ओर उ.प्र. में विगत वर्षों में रिवर्ट किये गये लगभग दो लाख दलित कार्मिकों के मन में काफी गुस्सा भी व्याप्त है। क्योंकि बाबा साहब के नाम पर आंसू बहाने वाले लोग उनके द्वारा दी गयी संवैधानिक व्यवस्था आरक्षण पर लगातार हो रहे कुठाराघात पर भी चुप हैं।

आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उ.प्र. के संयोजकों अवधेश कुमार वर्मा, के.बी. राम, श्यामलाल, आर.पी. केन, अनिल कुमार, एसपी सिंह, अन्जनी कुमार, अजय कुमार, राकेश पुष्कर, महेन्द्र सिंह, हरिश्चन्द्र वर्मा, बनी सिंह, प्रेम चन्द्र, अशोक सोनकर, जितेन्द्र कुमार, श्रीनिवास, प्रवेश कुमार, आदर्ष कौशल, पी.एन. प्रसाद, योगेन्द्र कुमार व सुनील कनौजिया ने कहा आज पूरे प्रदेश में जहां आरक्षण समर्थकों ने अपने मसीहा को याद करते हुए उनके रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। वहीं दूसरी ओर आरक्षण समर्थकों ने लगातार चलाये जा रहे अपने वर्चुअल मीटिंगों की भी समीक्षा की और यह तय किया कि हर रविवार को सभी जिला संयोजकों से संवाद कर आरक्षण पर आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिये तैयार रहने को कहा जायेगा।

पूरी तैयारी के साथ आगे आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के निर्देशन में आन्दोलन को व्यापक रूप दिया जायेगा। कोरोना काल समाप्त होते ही आरक्षण पर बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। फिलहाल वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से आन्दोलन की तैयारी जारी रहेगी।

संबंधित समाचार