बरेली: अफसर सख्ती का दावा करते रहे, कागजों में हो गई करोड़ों की धान खरीद
अमृत विचार, बरेली। अन्नदाताओं से ठगी के मामले में भुता समेत तीन राइस मिलों के खिलाफ शासन स्तर से जांच चल रही है। वहीं, भदपुरा और नवाबगंज में चार केंद्रों पर कागजों में करोड़ों रुपये की खरीद दर्शाने के मामले में दो दिन पहले शुभ कीर्ति प्रोड्यूसर कंपनी के डायरेक्टर हरीश गंगवार और आदर्श एग्रो …
अमृत विचार, बरेली। अन्नदाताओं से ठगी के मामले में भुता समेत तीन राइस मिलों के खिलाफ शासन स्तर से जांच चल रही है। वहीं, भदपुरा और नवाबगंज में चार केंद्रों पर कागजों में करोड़ों रुपये की खरीद दर्शाने के मामले में दो दिन पहले शुभ कीर्ति प्रोड्यूसर कंपनी के डायरेक्टर हरीश गंगवार और आदर्श एग्रो टेक प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के सचिव जगदीश सरन गंगवार के खिलाफ नवाबगंज थाने में रिपोर्ट कराई जा चुकी है। इसके बावजूद जिले में धान खरीद के नाम पर बड़ा खेल अब भी चल रहा है। माफिया ने राइस मिलर्स, आढ़तियों से सांठगांठ कर करोड़ों की धनराशि निपटाने की योजना बना रखी है।
1 अक्टूबर से शुरू हुई धान की सरकारी खरीद में माफिया सिस्टम पर पूरी तरह हावी हो चुका है। बरेली और आसपास के जिलों में बिचौलियों से धान खरीद के कई मामले सामने आ चुके हैं। लगातार कार्रवाई भी की जा रही है मगर केंद्र प्रभारियों की मनमानी से किसान अब भी परेशान हैं। तीन दिन पूर्व आंवला मंडी में किसानों के धान की कई दिन तक तौल नहीं होने से गुस्साए आंवला विधायक धर्मपाल सिंह धरने पर बैठ गए थे।
इसके अगले दिन ही नवाबगंज तहसील के मधुनगला और किशनपुर गांव में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया। किसानों ने दावा किया कागजों में केंद्र खोल करोड़ों रुपये की फर्जी खरीद दर्शा दी गई मगर अफसर इसे झुठलाते दिखे। मात्र 12 हजार क्विंटल धान की फर्जी खरीद होना बताया गया जबकि किसानों का साफ कहना था गांव से काफी दूर बने केंद्रों पर समर्थन मूल्य से काफी कम दाम में उन्होंने धान बेचा। जिन चार केंद्रों पर फर्जी खरीद मिली है। इनमें दो केंद्र तो एक जनप्रतिनिधि के करीबी के बताए जा रहे हैं।
फर्जीवाड़े में सरकारी तंत्र, राइस मिल और एजेंसी का गठबंधन
पिछले दिनों गड़बड़ी के मामले में सीएम ने आरएफसी पीके श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया था। इनके स्थान पर बीडीए उपाध्यक्ष जोगिंदर कुमार को आरएफसी का अतिरिक्त चार्ज दिया गया मगर खाद्य विभाग के अलावा तहसीलों से जुड़े अफसरों की सांठगांठ से सरकारी धान खरीद में माफिया, बिचौलिए और राइस मिलर्स का गठजोड़ अब भी पूरी तरह हावी है। यही कारण है बरेली मंडी में अब तक 24 केस दर्ज हो चुके हैं।
जांच-पड़ताल में मौके पर कांटा तक नहीं मिला था
नवाबगंज और भदपुरा ब्लाक के किशनपुर, मौआ बाजार, मधुनगला और देवीखेड़ा में जिन चार केंद्रों को खोलने का रिकार्ड दर्शाया गया था, शिकायत पर जब अफसरों ने इसकी जांच की तो मौके पर कांटा तक नहीं मिला। किसानों ने भी किसी केंद्र के नहीं होने की बात कही थी। आरएमओ राम मूर्ति वर्मा ने बताया कि डिप्टी आरएमओ सुनील कुमार भारती की जांच में फर्जी धान खरीद का मामला सही मिलने पर दोनों कंपनियों के डायरेक्टर के खिलाफ नवाबगंज थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
एसडीएम व पूर्व ब्लाक प्रमुख में हुई थी कहासुनी
पिछले दिनों नवाबगंज मंडी में धान खरीद की अव्यवस्थाओं से नाराज चल रहे सपा नेता तेज प्रकाश गंगवार व उप जिलाधिकारी नवाबगंज में नोकझोंक हो गई थी। सपा नेता का आरोप था कि बिचौलियों को फायदा पहुंचाने के मकसद से जानबूझकर केंद्रों पर किसानों से धान नहीं खरीदा जा रहा है। इस पर एसडीएम ने मामला शांत कराकर तौल शुरू करा दी थी।
