पीलीभीत: आउटसोर्स कर्मियों से कराई नाला सफाई...निस्तारण में दिखाए बाहरी श्रमिक

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Edited By Amrit Vichar
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पीलीभीत, अमृत विचार। मानसून को देखते हुए जलभराव से मुक्ति दिलाने को नाला सफाई के नाम पर नगर पंचायत नौगवां पकड़िया में भी खेल का शोर उठ गया है। आरोप है कि कर्मचारियों से नाले की सफाई कराई गई और जब शिकायत हुई तो आईजीआरएस का गलत तरीके से निस्तारण कर दिया गया। बताते हैं कि निस्तारण आख्या में बाहर से श्रमिक लगाकर सफाई कराने की बात कह दी गई है।

नाला सफाई कार्य में धांधली और जांच में गोलमाल करने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय वाल्मीकि एकता मंच के जिलाध्यक्ष ने डीएम से शिकायत की है। इसमें किसी अन्य विभाग के अधिकारी से प्रकरण की जांच कराने की मांग की है।

राष्ट्रीय वाल्मीकि एकता मंच (भारत) के जिलाध्यक्ष राजकुमार ने डीएम से शिकायत की। इसमें बताया कि उन्होंने पूर्व में नगर पंचायत नौगवां पकड़िया से जुड़ी एक शिकायत आईजीआरएस पर की थी, जिसे 14 जुलाई को मनमाने तरीके से निस्तारित कर दिया गया है, जबकि शिकायत से जुड़े ठोस साक्ष्य दिए गए थे।

शिकायतकर्ता के अनुसार, निस्तारण में दर्शाया गया है कि नाला सफाई के लिए बाहर से श्रमिकों को बुलाया गया और उन्हीं से नाला सफाई कराई गई है, जबकि वास्तविकता ये है कि ठेकेदार वर्तमान में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों द्वारा दैनिक रूप से नाली व गलियों की सफाई का कार्य करा लिया गया जाता है। उन्हीं के द्वारा नाला सफाई, तलीझाड़ का कार्य कराया गया है। इसका फोटोग्राफ संग साक्ष्य भी दिया गया था।

ठेकेदार ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया था कि नाला सफाई कार्य के लिए अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा, मगर कार्य के लिए सफाई कर्मचारियों को अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। नगर पंचायत नौगवां पकड़िया में 14 वार्ड है। प्रत्येक में दो-दो सफाई कर्मचारी नियुक्त हैं। कुल 28 सफाई कर्मचारी हैं। ईओ द्वारा 15 सफाई कर्मचारियों के बयान लिए गए हैं, जो उनके पक्ष में दिए गए।

13 कर्मचारियों का अभी तक कोई बयान नहीं लिया गया है, जबकि इन्हीं के नाला सफाई करते हुए के फोटो साक्ष्य के तौर पर शिकायत के दौरान दिए गए। इस मामले की किसी अन्य विभाग के अधिकारी से जांच कराने की मांग की गई है, ताकि सफाई कर्मचारियों का शोषण रोका जा सके।

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