अयोध्या: निर्माण समिति चेयरमैन और ट्रस्ट सदस्यों ने लिया आरजेबी परिसर का जायजा

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अयोध्या, अमृत विचार। राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के कार्य को पटरी पर लाने की कवायद में जुटे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और राम मंदिर निर्माण समिति चेयरमैन ने सोमवार को राम जन्मभूमि परिसर पहुंच परिसर का जायजा लिया। कार्यदाई संस्था समेत अन्य से विचार विमर्श किया और जमीनी हकीकत देखी। इसके बाद …

अयोध्या, अमृत विचार। राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के कार्य को पटरी पर लाने की कवायद में जुटे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और राम मंदिर निर्माण समिति चेयरमैन ने सोमवार को राम जन्मभूमि परिसर पहुंच परिसर का जायजा लिया। कार्यदाई संस्था समेत अन्य से विचार विमर्श किया और जमीनी हकीकत देखी। इसके बाद सर्किट हाउस में आगे की कार्य योजना तैयार करने के लिए मैराथन बैठक की। बैठक और विचार मंथन का यह दौर मंगलवार को भी जारी रहेगा। फिलहाल ट्रस्ट ने हर हाल में दिसंबर माह में निर्माण कार्य शुरू करने की बात कही है।

सुप्रीम फैसले के बाद केंद्र सरकार की ओर से अदालत के आदेश पर गठित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने जनाकांक्षा और आस्था के राम मंदिर को बनवाने के लिए तकनीकी अध्ययन और सुझाव की खातिर देश की नामचीन संस्थाओं से सहयोग लिया है। ट्रस्ट ने प्राचीन नागर शैली में बनने वाले राम मंदिर के निर्माण को लेकर सभी पत्र संबंधी कार्य के लिए अनुबंध राम जन्म भूमि न्यास के लिए प्रस्तावित राम मंदिर का मॉडल बनाने वाले और मंदिर निर्माण के लिए पत्थर तराशी का काम करवा रहे प्रसिद्ध वास्तुकार सोमपुरा से अनुबंध किया है। वहीं राम मंदिर के फाउंडेशन और परिसर के विकास कार्यों के लिए कार्यदाई संस्था के रूप में लार्सन एंड टूब्रो को अनुबंधित किया है।

ट्रस्ट की ओर से तकनीकी परामर्श हासिल करने के लिए देश की जानी मानी संस्था टाटा कंसल्टेंसी, केंद्रीय भवन निर्माण और शोध संस्थान रुड़की, आईआईटी चेन्नई आईआईटी दिल्ली आईआईटी बॉम्बे और अन्य संस्थाओं से सहयोग लिया जा रहा है। राम मन्दिर की 1000 साल से ज्यादा उम्र आककर योजना आगे बढ़ाई जा रही है जिसके लिए ट्रस्ट की ओर से पाइलिंग की फाउंडेशन बनवा इसका परीक्षण कराया गया है। कुछ तकनीकी संस्थानों की ओर से रिपोर्ट निर्माण समिति और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपी गई है तथा कुछ की रिपोर्ट आना अभी शेष है। सभी की रिपोर्ट मिलने के बाद ही राम मंदिर निर्माण का कार्य सुचारू रूप से शुरू हो पाएगा।

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