भारत बंद: मुरादाबाद में मुख्य चौराहों और बाजारों में पुलिसकर्मी तैनात, कई नेताओं को किया नजरबंद

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मुरादाबाद, अमृत विचार। सरकार की ओर से लागू किए गए नए कृषि कानून के विरोध में कांठ, छजलैट, अगवानपुर सहित अन्य जगह सड़क जाम करने जा रहे किसानों को पुलिस प्रशासन ने नजरबंद कर दिया है। भाकियू (अ) के वरिष्ठ नेताओं के साथ ही ब्लाक अध्यक्ष व प्रभारी सहित अन्य किसानों पर पुलिस लगातार नजर …

मुरादाबाद, अमृत विचार। सरकार की ओर से लागू किए गए नए कृषि कानून के विरोध में कांठ, छजलैट, अगवानपुर सहित अन्य जगह सड़क जाम करने जा रहे किसानों को पुलिस प्रशासन ने नजरबंद कर दिया है। भाकियू (अ) के वरिष्ठ नेताओं के साथ ही ब्लाक अध्यक्ष व प्रभारी सहित अन्य किसानों पर पुलिस लगातार नजर बनाए हुई है। प्रमुख चौराहों के साथ ही जगह-जगह पुलिसबल तैनात किया गया है।

कृषि कानूनों के विरोध में मंगलवार को भारत बंद का ऐलान कर चुकी भाकियू के कार्यकर्ता छजलैट किसान भवन, मूंढापांडे हाइवे, पतेई खालसा पाकबड़ा, कांठ, खोखरपुर नत्था नंगला, अगवालनपुर चौराहा, हरिद्वार हाइवे, मूंढापांडे हाइवे, बिलारी, ठाकुरद्वारा, धारानगला पर उग्र दिखे।

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चित्रकार डॉ नरेंद्र सिंह ने अनोखे अंदाज में किया किसानों का समर्थन

स्टेशन पर सन्नाटा, बस स्टैंड पर चहल पहल
भारत बंद का असर रेलवे ओर रोडवेज पर भी नजर नही आया। मुरादाबाद डिपो सहित पीतलनगरी डिपो पर यात्रियों का आवागमन रोजाना की तरह रहा। वहीं रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या न के बराबर रही। क्योंकि ट्रेन आने के दौरान ही यात्रियों की चहल पहल रहती है। भारत बंद का असर ट्रेनों ओर बसों के संचालन पर नही पड़ा।

युवजन सभा के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की
समाजवादी छात्र सभा ने निवर्तमान प्रदेश सचिव चौधरी असलम खां के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ मुरादाबाद जिले के मूंढापांडे में ग्राम बीरपुर, मिलक से होते हुए ग्राम दलपतपुर स्थित ब्लॉक कार्यालय तक भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसानों के समर्थन में पैदल यात्रा निकाली।

चौधरी असलम खान ने कहा की भाजपा सरकार किसानों का उत्पीड़न कर रही है। भाजपा सरकार पूंजीपतियों से मिलकर देश की गरीब जनता व किसानों को चल रही है। यदि सरकार इस काले कानून को वापस नहीं लेती है तो देश व प्रदेश में समाजवादी कार्यकर्ता उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर मुख्य रूप से चौधरी असलम खां, मुस्लिम सैफी, जाहिद मास्टर, अक्षय भटनागर, नजाकत अली, जावेद अली, नईम अहमद,होरी लाल यादव, बदन सिंह, आयुष यादव, रियासत अली, नूर मोहम्मद जमाली सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे

शिवसेना के जिला प्रमुख सहित कार्यकर्ता नजबंद
मुरादाबाद। एनडीए से बाहर होने के बाद बीजेपी के खिलाफ हुई शिवसेना ने भी मंगलवार को भारत बंद के लिए अपने तेवर हाई किए। पर उनकी शक्ति पर पुलिस की सख्ती भारी पड़ी। शिवसेना जिला प्रमुख वीरेंद्र अरोड़ा को उनके कोठीवाल नगर स्थित आवास पर नजरबंद कर दिया गया। उनके साथ मौजूद दो दर्जन से अधिक ग्राहकों को भी प्रदर्शन नहीं करने दिया। चक्का जाम और कृषि कानूनों के विरोध में शिवसेना बड़ा प्रदर्शन करने के विचार में थी, पुलिस के कड़े पहरे के बीच यह संभव नहीं हो सका। मौजूद पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को एक ज्ञापन देकर उन्होंने अपनी बात भी कही। इस दौरान उपाध्यक्ष मुदित, कमल सिंह राव, अरुण ठाकुर, उमेश ठाकुर, राहुल जैन, सुरेश सैनी सहित कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कुंदरकी में कांग्रेसी नेता आरिफ पाशा को पुलिस ने घर पर ही नजरबंद किया।

कुंदरकी में भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) को पुलिस ने चक्का जाम करने से रोका दिया। किसान यूनियन ने कार्यकर्ताओं ने महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।

आप इस तस्वीर में देख सकते हैं कि जामा मस्जिद चौराहे पर भारत बंद का असर नहीं दिखा। आम दिनों जैसा नजारा रहा।

किसानों को बर्बाद करना चाहती है केंद्र सरकार
भारतीय किसान यूनियन (असली) के जिलाध्यक्ष समरपाल सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से पास किये गए तीन कृषि बिलों से किसानों को बर्बाद करने की साजिश रची जा रही है। तीन महीने से किसानों का आंदोलन जारी है, लेकिन सरकार आंख मूंदे बैठी है। भारत बंद के आह्वान के बाद मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (असली) के जिलाध्यक्ष समरपाल सिंह सहित अन्य को पुलिस प्रशासन ने नजरबंद कर दिया। नजरबंद के बावजूद कुछ किसानों ने धरना प्रदर्शन करना चाहा तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। जिससे अन्य किसानों में रोष व्याप्त है।

जिलाध्यक्ष समरपाल सिंह ने कहा कि शांतिपूर्वक हम भारत बंद कर धरना प्रदर्शन करना चाहते थे लेकिन सरकार के इशारे पर पुलिस प्रशासन ने हमें नजरबंद कर दिया। यह तानाशाही है। पहले तो किसानों के लिए कृषि कानून पास कर दिए गए और अब किसान कानून वापस मांग करने के लिए आंदोलन कर रहे हैं तो उन पर लाठीचार्ज ओर आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे। देश का किसान अन्नदाता है आतंकवादी नही।

नजरबंद रहे कांग्रेसियों ने सौंपा ज्ञापन
भारत बंद भाकियू का समर्थन कर रही कांग्रेसियों को पुलिस ने घर से ही नहीं निकलने दिया। कड़े पहरे के साथ उन्हें नजर बंद कर दिया। जिलाध्यक्ष के आवास के बाहर पुलिस बल तैनात रहा। जिलाध्यक्ष विनोद गुंबर, पार्षद नदीम सहित दर्जनों कांग्रेसियों ने कृषि कानून पर सरकार को कोसा। इस बिल को बताया काला कानून। उन्होंने सरकार से इस बिल को वापस लेने की बात कही और इसी के साथ कुछ नारेबाजी भी की। इसी मांग के साथ उन्होंने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन प्रशासन को वहीं सौंपा।

काशीपुर तिराहे पर चक्का जाम करने जा रहे विधायक सहित सपइयों को पुलिस ने रोका
कृषि कानूनों के विरोध में भाकियू के समर्थन में सड़क पर उतरी सपाइयों पर फिर पुलिस भारी पड़ गई। ये सपाई काशीपुर तिराहे पर भाकियू के समर्थन में चक्का जाम करने के लिए जाने को एकत्रित हुए थे। गलशहीद थाना क्षेत्र में भूड़े के चौराहे पर दर्जनों सपा के कार्यकर्ता का हुजूम दिखा तो पुलिस चौकन्नी हो गई।

देहात विधायक हाजी इकराम कुरैशी और जिलाध्यक्ष जयवीर यादव के साथ सपाई उग्र हुए तो पहले से ही जाल बिछाए मौजूद पुलिस बल ने उन्हें घेर लिया। उपद्रव करने पर फौरन उन्हें गिरफ्तार करने की कार्रवाई शुरू कर दी। दोनों बड़े नेता के साथ करीब दर्जन भर सपाइयों को पुलिस वाहन में बैठा दिया गया।

बाद में ये नेता, कार्यकर्ता बहाने बनाकर गाड़ी से उतर गए। वहां मौजूद प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों के साथ उनकी हल्की नोकझोंक भी हुई। हालांकि बाद में अपनी मांग और विरोध से संबंधित ज्ञापन को भूड़े के चौराहे पर ही देने को लेकर सपाइयों और प्रशासन के बीच एक वार्ता बैठक शुरू कर दी गई। अभी वार्ता जारी है, फिलहाल चक्का जाम करने का प्रयास सपाइयों का पुलिस की सख्ती के कारण इस बार भी विफल होता देखा गया।

काठ में किसानों द्वारा भारत बंद का कोई असर नहीं दिखाई दिया। सभी बैंक, दुकाने रोजाना की तरह खुलीं। किसी भी प्रकार की जनता को परेशानी नहीं हुई। जगह-जगह पर पुलिसकर्मी तैनात हैं।

बिलारी सपा विधायक मोहम्मद फ़हीम इरफ़ान को प्रशासन ने कैंप कार्यालय पर नज़रबंद किया।

कोठीवाल नगर में कांग्रेसियों को पुलिस ने किया नजरबंद

भारतीय किसान यूनियन भानू के जिलाध्यक्ष नूर मोहम्मद चौधरी को पुलिस ने उनके आवास पर नजरबंद कर दिया। घर के बाहर पुलिस का पहरा लगा है।

भारतीय किसान यूनियन के वरिष्ठ नेता चौ. ऋषिपाल सिंह ने बताया कि 11 से 3 बजे तक सड़क जाम करने का प्रस्तावित कार्यक्रम था। लेकिन, सुबह से ही कुचावली स्थित आवास के बाहर पुलिस प्रशासन तैनात है। किसी को भी बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा है। किसानों की आवाज दबाने के लिए सरकार के इशारे पर पुलिस प्रशासन काम कर रहा है। जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बताया कि कांठ में वीर अब्दुल हमीद द्वार पर वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष हरदीप सिंह, तहसील अध्यक्ष कांठ जितेंद्र विश्नोई जीतू, किसान भवन छजलेट पर चौ. ऋषि पाल सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष वीर सिंह ढाका, तहसील मीडिया प्रभारी राहुल चौधरी, ग्राम गोपालपुर नत्था नंगला उर्फ कोकरपुर दीपक चौधरी, गौरव सिंह तोमर, ग्राम मोढा तैया में डा. नौसिंह, डा. चरण सिंह, बिलावाला स्कूल भगतपुर में सोमपाल सिंह, लवि चौधरी, ठाकुरद्वारा में तिकोनिया धनेंद्र शर्मा, कुंदरकी, बिलारी चौ. ऋषिपाल सिंह तहसील अध्यक्ष व ब्लॉक अध्यक्ष के नेतृत्व में सड़क जाम करनी थी। लेकिन, सभी को पुलिस प्रशासन ने नजरबंद किया हुआ है।

भारत बंद को लेकर सपा विधायक कुरैशी के घर पर तैनात पुलिस फोर्स

भारत बंद को लेकर आज सुबह से ही शहर में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है। सरकार के खिलाफ चल रहे आंदोलन के चलते आज किसानों ने भारत बंद का ऐलान किया है। जिसके मद्देनजर प्रशासन ने पहले से ही अपनी तैयारियां पूरी कर ली है। सुबह से ही शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है। एसएसपी प्रभाकर चौधरी का साफ तौर पर कहना है कि जिले में 144 धारा लागू है इसलिए प्रदर्शन और जुलूस निकालने वालों पर कार्यवाही की जाएगी। मंगलवार को भारत बंद के दौरान जिले को आठ जोन, 20 सेक्टर व 52 सब सेक्टर में बांटा गया है।

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