भारत बंद: प्रदर्शन कर रहे किसान दिल्ली में सड़कें, टोल प्लाजा जाम करने को तैयार

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ मंगलवार को ‘भारत बंद’ का आह्वान करने वाले किसान संगठनों ने प्रमुख मार्ग और ‘टोल प्लाजा’ जाम करने की तैयारी शुरू कर दी है। अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) के महासचिव हन्नान मोल्ला ने कहा कि ‘भारत बंद’ किसानों की ताकत दिखाने का एक जरिया …

नई दिल्ली। केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ मंगलवार को ‘भारत बंद’ का आह्वान करने वाले किसान संगठनों ने प्रमुख मार्ग और ‘टोल प्लाजा’ जाम करने की तैयारी शुरू कर दी है। अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) के महासचिव हन्नान मोल्ला ने कहा कि ‘भारत बंद’ किसानों की ताकत दिखाने का एक जरिया है और उनकी जायज मांगों को देशभर के लोगों का समर्थन मिला है।

प्रदर्शन कर रहे किसानों ने पूर्वाह्र 11 बजे से अपराह्न तीन बजे के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग और ‘टोल प्लाजा’ जाम करने की चेतावनी दी है। इस दौरान आपातकालीन सेवाओं को छूट दी जाएगी। मोल्ला ने कहा ति हम तीनों कानूनों की पूरी तरह वापसी की अपनी मांग पर अडिग हैं और किसी तरह के संशोधनों पर राजी नहीं होंगे। ये ऐसे काननू हैं, जिसमें संशोधन से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि आज हमने बंद बुलाया है और अगर हमारी मांगे पूरी नहीं हुई तो, हम अपने आंदोलन को अगले स्तर पर ले जाने को तैयार हैं। ‘भारत बंद’ के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने सभी सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी कर दी और शहर में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के पूरे इंतजाम किए हैं।

‘भारत बंद’ का समर्थन करते हुए कुछ ऑटो रिक्शा और टैक्सी यूनियन के लोग भी आज राष्ट्रीय राजधानी में वाहन नहीं चलाएंगे। दिल्ली के सर्वोदय ड्राइवर एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलजीत गिल ने उनके कई साथियों के आज हड़ताल पर होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में ‘एप’ आधारित करीब चार लाख कैब हैं। इनमें से अधिकतर हड़ताल पर हैं।

कुछ ऑटो, टैक्सी संघ भी बंद में हुए शामिल
किसानों के ‘भारत बंद’ में मंगलवार को कुछ ऑटो और टैक्सी संघों ने भी भाग लिया और सड़कों पर वाहनों को नहीं उतारने का फैसला किया, वहीं कुछ ने हड़ताल से दूरी बनाई। दिल्ली सर्वोदय चालक संघ के अध्यक्ष कमलजीत गिल ने दावा किया कि उसके अधिकतर सदस्य हड़ताल पर हैं। यह संगठन ओला और उबर जैसी ऐप आधारित टैक्सी के चालकों का प्रतिनिधित्व करता है।

गिल ने कहा कि दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में करीब चार लाख ऐप आधारित कैब हैं। हमारे अधिकतर सदस्य हड़ताल पर हैं। दिल्ली टैक्सी टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट ने कहा कि दिल्ली राज्य टैक्सी सहकारी समिति और कौमी एकता कल्याण संघ समेत अनेक संघों से जुड़े वाहन चालक हड़ताल पर हैं। हालांकि कुछ अन्य ऑटो और टैक्सी संघों ने दावा किया कि हड़ताल से दिल्ली में परिवहन सुविधाओं पर असर नहीं पड़ेगा।

दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ और दिल्ली प्रदेश टैक्सी संघ के महासचिव राजेंद्र सोनी ने कहा कि हमारे सभी ऑटो और टैक्सियां सामान्य तरीके से चल रहे हैं और हड़ताल का बिल्कुल भी असर नहीं पड़ा है। हम किसानों और उनकी मांगों का समर्थन करते हैं लेकिन हड़ताल से आम आदमी को समस्या होगी।

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