बरेली: भारत बंद- आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज, कहीं गिरफ्तार तो कहीं किए नजरबंद

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अमृत विचार, बरेली। कृषि कानून बिल के विरोध में धरना-प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में मंगलवार को भारत बंद का ऐलान किया था। इसके लिए समाजवादी पार्टी, कांग्रेस पार्टी, आम आदमी पार्टी समेत विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और किसान यूनियनों ने सड़क पर उतरकर धरना प्रदर्शन किया। भारत बंद के ऐलान का जिले …

अमृत विचार, बरेली। कृषि कानून बिल के विरोध में धरना-प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में मंगलवार को भारत बंद का ऐलान किया था। इसके लिए समाजवादी पार्टी, कांग्रेस पार्टी, आम आदमी पार्टी समेत विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और किसान यूनियनों ने सड़क पर उतरकर धरना प्रदर्शन किया। भारत बंद के ऐलान का जिले में भले ही कोई असर नहीं दिखा मगर, सरकार के विरोध में प्रदर्शन करने सड़क पर उतरे विपक्षी दलों के नेताओं को पुलिस प्रशासन की सख्ती का सामना करना पड़ा। चौकी चौराहे पर प्रदर्शन कर सरकार विरोधी नारा लगा रहे सपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प हो गई।

इसमें विरोध प्रदर्शन कर रहे सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने जबरन उठाकर पुलिस लाइंस में कैद कर दिया। खूब शोरशराबा और धक्का-मुक्की हुई तो पुलिस ने बल प्रयोग किया। लाठी फटाकरी गईं, जिसमें सपा नेता अरविंद यादव घायल हो गए। कई अन्य को भी चोटें आईं। यहां से जिलाध्यक्ष, अगम मौर्य, पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार, पूर्व मंत्री अताउर्रहमान समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद पुलिस सभी को पुलिस लाइन ले अई। वहीं, रामपुर गार्डन में नारेबाजी कर रहे कांग्रेसियों व अन्य संगठनों के नेता व कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार को पुलिस लाइन भेज दिया गया।

मंगलवार को भारत बंद के आह्वान पर सुबह करीब 11 बजे सपा जिलाध्यक्ष अगम मौर्य करीब 50 कार्यकर्ताओं के साथ चौकी चौराहा स्थित पार्क में गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंचे। वहां पहले से मौजूद प्रभारी एसएसपी संसार सिंह, एसपी सिटी रविंद्र सिंह, इंस्पेक्टर गीतेश कपिल सपा नेताओं को गिरफ्तार करने लगे। इस दौरान सपा नेता की पुलिस से झड़प हो गई। धक्का-मुक्की के दौरान माहौल बिगड़ता देख पुलिस के हाथ पांव फूल गए। जिलाध्यक्ष अगम मौर्य ने मौजूद अफसरों से कहा यूपी सरकार के इशारे पर प्रशासन व पुलिस असंवैधानिक कदम उठाते हुए कहर बरपा रही है। इसके बाद तो पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया। इसमें सपा नेता अरविंद यादव समेत कुछ अन्य को मामूली चोटें आईं।

गिरफ्तारी के नाम पर सपा नेताओं ने हाथापाई और लाठीचार्ज का आरोप लगाया तो सभी को पुलिस लाइन भेज दिया गया। कुछ देर बाद ही पूर्व मंत्री अताउर रहमान, पूर्व विधायक महिपाल सिंह यादव भी दर्जनों कार्यकर्ता के साथ चौकी चौराहा पहुंचे। पुलिस ने उन्हें भी गिरफ्तार कर पुलिस लाइन भेज दिया। महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी अपने साथियों के साथ के साथ पार्टी कार्यालय से पुलिस द्वारा जबरन गिरफ्तार कर पुलिस लाइन लाए गए। पूर्व विधायक महिपाल सिंह यादव, रविंद्र यादव, विशाल, जफर बेग, भारती चौहान, नीरज तिवारी, सूरज यादव, अयूब हसन, मयंक शुक्ला उर्फ मोंटी, कलीमुद्दीन, शमीम अहमद, बृजेश श्रीवास्तव, संजीव यादव, गौरव जयसवाल, ओमपाल यादव, अशफाक गाजी, शाहवेज, विशाल, सम्युन खान, मुदित सिंह, कमल साहू, हरीश सागर, दीप्ति पांडेय, सुरेश गंगवार, मनोहर पटेल, आदेश गंगवार, रेहाना बी, मीना शाक्य, अतुल, आकाश यादव, जोगिंदर, सीमा, सारिका, रीना खान, उषा यादव, भुवनेश यादव, मो. आसिफ आदि मौजूद रहे।

इधर, समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर बंद को लेकर बनी रणनीति के तहत महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी और पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार के नेतृत्व में पार्टी कार्यालय पर सैकड़ों कार्यकर्ता एकत्र हुए। पुलिस ने पार्टी कार्यालय में सभी को नजरबंद किया तो वे मिशन कंपाउंड के अंदर से जाने लगे। यहां पुलिस ने सपा नेताओं व कार्यकर्ताओं को जबरन बसों में बैठा दिया। जिसमें पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार की पुलिस से काफी धक्का-मुक्की हुई।

गिरफ्तारी देने वालों में अयूब हसन, डॉ. अनीश बेग, महानगर महासचिव गौरव सक्सेना, आरिफ कुरैशी, प्रदीप मौर्य, दीप्ति पांडेय, गोविंद सैनी, रविकांत यादव, इकबाल, विक्रांत पाल, विष्णु शर्मा, अजय पटेल, सर्वेश सैनी, मनोहर पटेल, सचिन यादव, सूरज वर्मा आदि शामिल रहे। इधर, भारत बंद का समर्थन करने वाले किसान एकता संघ के मंडल प्रभारी डा. रवि नागर और जिला अध्यक्ष इरशाद अली को भी पुलिस ने सोमवार रात को नजरबंद कर दिया था। इस दौरान डा. रवि नागर ने कहा कि गिरफ्तारी और जेल से डरने वाले नहीं है। प्रशासन की तरफ से सुभाष नगर थाना प्रभारी को पीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपा। समर्थन देने वालों में आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष अंसार अंसारी, मंडल उपाध्यक्ष श्रीपाल सिंह, मंडल संगठन सचिव जगपाल सिंह यादव , युवा जिला अध्यक्ष राजेश शर्मा ,फरीदपुर तहसील अध्यक्ष मुकेश सिंह गुर्जर, हरेंद्र कनौजिया आदि शामिल हैं।

‘हरित क्रांति’ को हराने की साजिश कर रही सरकार: अजय शुक्ला

कांग्रेस कमेटी के महानगर अध्यक्ष अजय शुक्ला घर से निकलने की फिराक में थे, पुलिस ने कार्यकर्ताओं के साथ उनको घर में नजरबंद कर दिया। इस दौरान पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई तो सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ, कोतवाल आदि फोर्स के साथ पहुंच गए। सिटी मजिस्ट्रेट ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन लिया। अजय शुक्ला ने कहा देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु ने कहा था, सब कुछ इंतजार कर सकता है पर खेती नहीं। मगर, मोदी सरकार ने देश के किसान, खेत और खलिहान के खिलाफ एक घिनौना षड़यंत्र किया है। केंद्रीय भाजपा सरकार तीन काले कानूनों के माध्यम से देश की ‘हरित क्रांति’ को हराने की साजिश कर रही है।

कांग्रेस कमेटी सदस्य प्रेम प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि मोदी सरकार ने संसद के अंदर तीन काले कानूनों को जबरन बगैर किसी चर्चा व राय मशवरे के पारित कर लिया है, जिसे बिल्कुल मंजूर नहीं किया जाएगा। नवाब मुजाहिद हसन खां ने केंद्र की भाजपा सरकार को पूर्ण रूप से देश की आत्मा ‘खेती-किसानी’ को उद्योगपतियों के हाथ मे सौंपे जाने और किसानों की सुनने के बजाय उनकी आवाज दबाने की बात कही। कासिम कश्मीरी, कृष्ण कांत शर्मा, आरसी श्रीवास्तव, वीरेंद्र रायजादा, सुचित्रा सिंह, हाजी ज़ुबैर, राजेश कुमार, योगेश जौहरी, अब्दुल रहमान, पारस शुक्ला, सय्यद फरहान अली, हर्ष बिसारिया, कादिर खान, दिनेश गोला, निखिल कुमार आदि लोग उपस्थित रहे।

नेताओं को नजरबंद करने में सोशल मीडिया बना हथियार

नेताओं की गिरफ्तारी और उनको नजरबंद करने में सोशल मीडिया और अखबार भी हथियार बने। सोशल मीडिया पर आधी रात भारत बंद के समर्थन में राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष बाकर अली उर्फ पप्पू ने ऐलान किया तो कैंट पुलिस ने उनके साथ महानगर अध्यक्ष सर्वेंश पाठक को गिरफ्तार कर लिया। इधर, मंगलवार सुबह अखबारों के माध्यम से विपक्षी व अन्य दलों के नेताओं की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस सेठ दामोदर दास पार्क के पास पुलिस सक्रिय हो गई और सपा, कांग्रेस और किसान नेताओं को नजर बंद करना शुरू कर दिया। धरना प्रदर्शन से पहले ही महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी, उपाध्यक्ष शमीम अहमद को नजर बंद कर दिया गया। कांग्रेस कमेटी के महानगर अध्यक्ष अजय शुक्ला भी पुलिस की निगरानी में नजरबंद रहे। किसान नेता डा. रवि नागर भी पुलिस की निगरानी में नजर बंद रहे।

चौकी चौराहा से लेकर कलेक्ट्रेट रोड बनी छावनी

सुबह पुलिस को सपा के पूर्व मंत्री, विधायक समेत सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं के सेठ दामोदर दास पार्क पर आने की सूचना मिली। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट, एडीएम सिटी, प्रभारी एसएसपी, एसपी सिटी समेत कई थानों का फोर्स पहुंचा गया। सुरक्षा व्यवस्था और यातायात के लिहाज से जगह-जगह बैरियर लगाकर रोड का छावनी में तब्दील कर दिया। स्टेशन रोड से चौकी चौराहा जाने वाले वाहनों को कलेक्ट्रेट तिराहे से एसएसपी कार्यालय रोड होते हुए भेजा गया। वहीं, स्टेशन से चौपुला जाने वाले को सुभाष नगर होकर भेजा गया। इसके अलावा रामपुर गार्डन समेत कई जगहों पर पुलिस की कड़ी नाकाबंदी रही।

अधिकारी भी नहीं समझ सके सपा नेताओं की रणनीति

भारत बंद के समर्थन में सपा नेताओं के साथ सैंकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर निकल कर गिरफ्तारी दी। वहीं शहर से लेकर देहात तक सड़क पर उतरे सपा नेताओं की रणनीति अधिकारी भी नहीं समझ सके। पुलिस और प्रशासनिक अफसर सपा कार्यकर्ताओं को काबू करने के लिए मंगलवार को भी पूरे दिन दौड़ लगाते रहे। शहर के चौकी चौराहा के अलावा बहेड़ी में पुलिस को खासकर काफी परेशानी उठानी पड़ी। पूर्व मंत्रियों, जिलाध्यक्ष और महानगर कमेटी के पदाधिकारियों को पुलिस के एक्शन प्लान का अंदाजा पहले ही था, इसलिए भारत बंद समर्थन के लिए निकलने वाले कार्यकर्ताओं का अगल-अलग रूट निर्धारित कर दिया गया था, इसलिए पुलिस को दिनभर परेशानी उठानी पड़ी।

भगवत बोले- सपा की सरकार बनने दो फिर एक-एक से निपटूंगा

सेठ दामोदर स्वरूप पार्क पर पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं में झड़प हुई। इसी दौरान पुलिस ने सपा के पूर्व मंत्री भगवत सरन को हिरासत में लेने की कोशिश। प्रभारी एसएसपी, एडीएम सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट समेत कई थानों का फोर्स मौके पर था। बल पूर्वक जब भगवत सरन को पुलिस कर्मियों ने उठाया तो उनका पारा चढ़ गया। धक्का-मुक्की होने पर अधिकारियों के साथ मौजूद पुलिस कर्मियों को खरी खोटी सुनाई। बोले कि भाजपा सरकार के इशारे पर पुलिस-प्रशासन असंवैधानिक कदम उठाते हुए सपा नेताओं व कार्यकर्ताओं पर कहर बरपा रही है। यह अमानवीय व्यवहार है। ऐसा आज तक नहीं किया गया। अगामी विधानसभा चुनाव में सपा की सरकार बनना तय है। इसके बाद तानाशाही दिखाने वाले एक-एक अधिकारी और पुलिस कर्मियों से निपटूंगा।

किसानों के समर्थन में उतरी आईएमसी, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां के निर्देश पर पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने किसानों का समर्थन करते हुए सरकार का विरोध जताया। मिशन अस्पताल गेट के सामने से तमाम कार्यकर्ता पैदल मार्च निकालते हुए दामोदर स्वरूप पार्क पहुंचे। यहां पुलिस अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया।

इसके विरोध में कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। प्रवक्ता डा. नफीस खान ने कहा कि केंद्र सरकार यह भूल जाए कि किसान संयम तोड़ देगा और घर चला जाएगा लेकिन यह सरकार की बहुत बड़ी भूल है। देश के किसान बिना कानून वापस हुए अपने घर वापस नहीं जाएगा। अगर जल्द ही किसानों की मांगें नहीं मानी गईं तो मौलाना तौकीर रजा खान अपने कार्यकर्ताओं के साथ दिल्ली जाकर किसानों के आंदोलन में बैठेंगे। इस मौके पर मो. सलीम खान, मो. नदीम खान, इसरार कुरैशी, अफजाल बेग, हाफिज शराफत, इफ्तिखार कुरैशी, शमशाद प्रधान, मकबूल प्रधान, अशफाक प्रधान, इकबाल, फरहान रजा खान, चौधरी राशिद खान, मुशाहिद खान, नोमान रजा खां, शहजाद पठान, रिजवान हुसैन अंसारी, मुस्तफा नूरी समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में दिखा भारत बंद का असर

भारत बंद का असर शहर के मुस्लिम इलाकों में साफ तौर से देखा गया। मंगलवार को दरगाह आला हजरत और सैलानी के दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद करके किसानों का समर्थन किया। हालांकि, दोपहर बाद से ज्यादातर दुकानदारों ने अपनी दुकानें खोल ली थीं।
कृषि बिल के विरोध में किसान दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

उन्होंने मंगलवार को भारत बंद का एलान किया था। सोमवार को आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां ने भी अपने आवास पर प्रेस वार्ता कर किसानों के समर्थन में सभी से दुकानें बंद रखने की अपील की थी। इसके साथ रजा एक्शन कमेटी के मौलाना अदनान रजा कादरी समेत सभी विरोधी राजनीतिक दलों ने भारत बंद को सफल बनाने का एलान किया था। इसके चलते मंगलवार को पूरा शहर खुला नजर आया। पुलिस के अधिकारी भी सुबह से ही सड़कों पर उतरकर हालातों का जायजा ले रहे थे। हालांकि, मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में भारत बंद कर असर देखने का मिला। शहर के सैलानी, पुराना शहर, जगतपुर गौटिया और दरगाह आला हजरत के व्यपारियों ने किसानों के समर्थन में दुकानें बंद रखीं।

संबंधित समाचार