बरेली: विश्वविद्यालय में बनेगा ‘अंतर्राष्ट्रीय संबंधों का निदेशालय’

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अमृत विचार, बरेली। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में पढ़ाई को अंतराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने को लेकर कई अहम फैसले मंगलवार को आयोजित कार्य परिषद की बैठक लिए गए हैं। एमबीए विभाग स्थित सिंडिकेट हाल में कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विश्वविद्यालय …

अमृत विचार, बरेली। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में पढ़ाई को अंतराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने को लेकर कई अहम फैसले मंगलवार को आयोजित कार्य परिषद की बैठक लिए गए हैं। एमबीए विभाग स्थित सिंडिकेट हाल में कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय संबंधों का निदेशालय खोलने को भी अनुमोदन दे दिया गया। इसके अलावा कार्य परिषद ने विश्वविद्यालय की डिग्रियों से एप्लाइड शब्द हटाने को भी अनुमति दे दी है। कुलपति ने बताया कि कार्य परिषद की बैठक में आगामी तीन वर्षों तक की योजना पर काम कर निर्णय लिए गए हैं।

कार्य परिषद की बैठक में मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के भाग-2 उच्चतर शिक्षा के अध्याय 12 के खण्ड 12.7, अंतर्राष्ट्रीयकरण के आलोक में ‘अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्धों का निदेशालय’ की स्थापना को मंजूरी दे दी गई है। यह निदेशालय अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर छात्रों का विनिमय, शिक्षक विनिमय, संयुक्त शोध, अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को आकर्षित करने, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय के साथ संयुक्त अथवा दोहरी डिग्री पाठ्यक्रम शुरू करने तथा विश्वविद्यालय को अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप देने में कारगर होगा। इसके अलावा विश्वविद्यालय परामर्श नीति के प्रस्ताव को कार्य परिषद ने पास कर दिया। इस नीति के लागू होने के बाद विश्वविद्यालय तथा महाविद्यालयों के शिक्षक एवं गैर-शिक्षक कर्मचारी अपनी योग्यता और क्षमता के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में परामर्श दे सकेंगे। इससे विश्वविद्यालय की आय तथा शिक्षक और कर्मचारियों की क्षमता का विकास होगा।

ये महत्वपूर्ण फैसले लिए गए

– छात्र प्रायोगिक शिक्षण कार्यक्रम के ड्राफ्ट को भी कार्य परिषद ने पास कर दिया। इसके तहत छात्रों को पठन-पाठन के दौरान अतिरिक्त समय में अपनी आय को बढ़ाते हुए व्यावसायिक अनुभव का लाभ मिलेगा।

– महिला अध्ययन में उत्कृष्टता केन्द्र की स्थापना को भी कार्य परिषद ने सहर्ष अनुमोदन दिया है। यह केन्द्र महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक, स्वास्थ्य, जनसंख्या तथा पर्यावरण जैसे विषयों पर अध्ययन का कार्य करेगा।

– बहुभाषा अध्ययन में उत्कृष्टता केन्द्र की स्थापना के प्रस्ताव को भी परिषद द्वारा स्वीकार किया गया। यह केन्द्र देसी एवं विदेशी भाषाओं का अध्ययन, उनके उपयोग तथा भारतीय भाषाओं जैसे-हिन्दी, संस्कृत आदि को विदेशी छात्रों के बीच लोकप्रिय बनाने में मदद करेगा। साथ-साथ अनेकों विदेशी भाषाएं यानी जर्मन, फ्रेंच, पर्सियन तथा मेण्डारिन आदि विषयों को हमारे देश के छात्रों को सीखने का अवसर प्रदान करेगा।

– कार्य परिषद ने अटल सेंटर फार आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की स्थापना को भी अनुमति दे दी है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से बनने वाला यह केन्द्र आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी आधुनिकतम विधाओं में विश्वविद्यालय का नाम राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करेगा।

– पूर्व छात्र परिषद की स्थापना को भी कार्य परिषद ने अनमुति दे दी है। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली से जुड़े पूर्व छात्र इसके माध्यम से विश्वविद्यालय में अपना सहयोग एवं अंशदान करते हुए विश्वविद्यालय के विकास में भागीदार बनेंगे।

– कार्य परिषद ने इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना एवं गठित समिति द्वारा दिए गए प्रस्तावों को भी अनुमति दे दी है। रुहेलखण्ड इनक्यूबेटर, रुहेलखण्ड क्षेत्र में उद्यमशीलता व स्टार्टअप को बढ़ावा देने और इस क्षेत्र को सूक्ष्म एवं लघु उद्योग एक हब के रूप में विकसित करने में अपना योगदान देगा।

-इंटैलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट सेल के गठन को भी कार्य परिषद ने अनुमोदन दे दिया है। विश्वविद्यालय में पेटेंट फाइलिंग और उनके व्यावसायीकरण का काम इस सेल द्वारा किया जाएगा।

-कार्य परिषद ने विश्वविद्यालय इनोवेशन क्लब के गठन को भी अनुमति दे दी है। यह इनोवेशन क्लब क्षेत्र में नवाचार की प्रवृत्ति को बढ़ायेगा और छात्रों एवं अन्य क्षेत्रवासियों के द्वारा किए गए इनोवेशन को प्रदर्शित करने का एक प्लेटफार्म विकसित करेगा।

-डायरेक्टोरेट ऑफ सोशल एंड कॉरपोरेट रिलेशन्स के गठन को भी कार्य परिषद ने अनुमति दे दी है। यह निदेशालय उद्योगों के साथ समन्वय स्थापित कर विश्वविद्यालय में सी.एस.आर. के तहत आय बढ़ाते हुए विभिन्न योजनाओं को क्रियान्वित करेगा।

-कार्य परिषद ने डायरेक्टोरेट ऑफ रिसर्च के गठन को भी अनुमोदन दे दिया है। परिषद ने शोध समिति द्वारा यू.जी.सी. द्वारा निर्धारित शोध अध्यादेश लागू किये जाने को भी सहमति दे दी है। यह निदेशालय विश्वविद्यालय में प्रवेश से लेकर पी.एच.डी. उपाधि अवार्ड होने तक सभी गतिविधियों, शोध प्रयोजनों का संचालन तथा विभिन्न शोध संस्थानों के साथ समन्वय एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों में शोध कार्यों को बढ़ावा देने का कार्य करेगा।

18वें दीक्षांत समारोह के आयोजन को भी अनुमति

कार्य परिषद की बैठक में शोधार्थी दाईम रजा, वाणिज्य विभाग को शोध उपाधि प्रदान की गई। दाईम रजा ने अपना शोध कार्य डा. अनुराग अग्रवाल, वाणिज्य विभाग, एस.एस. कॉलेज शाहजहांपुर के निर्देशन में सम्पन्न किया। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार एम.फिल. पाठ्यक्रम को बंद कर दिया गया है। इसे लेकर बैठक में कार्यपरिषद को अवगत कराया गया। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली और आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट आफ ऑब्जर्वेशनल साइंस, नैनीताल के बीच एमओयू को कार्यपरिषद ने अनुमोदित कर दिया है। पं. दीनानाथ मिश्र इण्टर कालेज, जोगी नवादा, बरेली की नई प्रशासन योजना को लागू करने की स्वीकृति दी और कुलपति को शेष कार्यों के लिए अधिकृत किया। विश्वविद्यालय के 18वें दीक्षांत समारोह के आयोजन की स्वीकृति कार्यपरिषद ने दी। विश्वविद्यालय में सेवानिवृत्त शिक्षकों को 70 वर्ष की आयु तक पुनर्नियुक्त करने के शासनादेश को भी पास किया गया।

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