Bareilly : आठ मीटर चौड़ा और 925 मीटर लंबा होगा सेटेलाइट का वाईशेप फ्लाईओवर
बरेली, अमृत विचार। पीलीभीत बाईपास की ओर वाईशेप सेटेलाइट फ्लाईओवर के लिए जल्द सर्वे किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में बरेली मंडल के विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान 100 करोड़ की इस परियोजना को मंजूरी दी थी। इसके बाद सेतु निगम ने कवायद शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वाईशेप फ्लाईओवर 925 मीटर लंबा बनाया जाएगा। साथ ही चौड़ाई आठ मीटर रहेगी। अटल सेतु और चौपुला पुल को जोड़ने जैसी ही कवायद करके सैटेलाइट वाईशेप फ्लाईओवर का निर्माण कराया जाएगा। काम में किसी तरह की बाधा नहीं बनी तो बजट मिलने के बाद छह माह के भीतर ही काम पूरा कर लिया जाएगा।
दरअसल, वर्ष 2018 में सेटेलाइट चौराहे पर फ्लाईओवर के निर्माण को मंजूरी मिली थी। इसके बाद साल 2021 में सेतु निगम ने ईसाइयों की पुलिया से शाहजहांपुर रोड की ओर 597 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनाया था। उस समय माना जा रहा था कि फ्लाईओवर बनने से सेटेलाइट तिराहे पर लगने वाला जाम खत्म होगा, लेकिन यह समस्या आज भी जस की तस है। इतना जरूर है कि फ्लाईओवर बनने से शाहजहांपुर की तरफ जाने और आने वालों को राहत है, क्योंकि सेटेलाइट चौराहा अधिकतर समय जाम की गिरफ्त में रहता है। सेतु निगम के डीपीएम अरुण कुमार के अनुसार कैंट विधायक संजीव अग्रवाल के प्रस्ताव में शामिल वाईशेप सेटेलाइट फ्लाईओवर के प्रस्ताव पर चर्चा चल रही थी।
तब से अब तक बीच में कई बार वाईशेप फ्लाईओवर निर्माण को लेकर मंथन हुआ, लेकिन नतीजा शून्य रहा। अब मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलने के बाद शीघ्र बजट मिलने की उम्मीद है। कहा कि वाईशेप फ्लाईओवर बनने से बड़ा बाइपास से पीलीभीत रोड की तरफ आने वाले और यहां से ईसाइयों की पुलिया से निकलने वाले वाहन इसी पुल से होकर निकलेंगे तो सेटेलाइट बस अड्डे पर जाम से नहीं जूझना पड़ेगा। अगस्त के आखिरी सप्ताह में फ्लाईओवर के लिए इंजीनियरों के साथ सर्वे कर विस्तृत कार्ययोजना बनाकर फाइनल की जाएगी ताकि बजट मिलने के बाद टेंडर आदि प्रक्रिश शीघ्र पूरी कराने के साथ काम शुरू कराया जा सके।
30 हजार लोगों को मिलेगी जाम से राहत
वाईशेप फ्लाईओवर बनने से सेटेलाइट बस अड्डे पर जाम की समस्या खत्म होने का दावा किया जा रहा है। यहां जाम लगने पर करीब 100 मीटर तक रास्ता पार करने में आधा घंटा लग जाता है। 30 हजार से अधिक लोग रोजाना परेशान होते हैं। पेट्रोल-डीजल भी फालतू में खर्च होता है। इससे वायु प्रदूषण भी बढ़ता है। इसके अलावा बस अड्डे से लखनऊ की ओर जाने वाली बसें रोडवेज अड्डे के तिराहे पर पुलिस चौकी के आगे पीलीभीत बाईपास से घूमकर निकलती हैं। वाईशेप फ्लाईओवर बनने से ट्रैफिक इसी पुल से होकर निकल सकेगा तो सेटेलाइट बस अड्डे पर जाम से नहीं जूझना पड़ेगा।
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