किसान प्रदर्शन: सरकार और किसान नेताओं के बीच छठे दौर की वार्ता रद्द

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। केंद्र और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता के बेनतीजा रहने के साथ हजारों किसान नये कृषि कानूनों को निरस्त किए जाने की मांग के साथ बुधवार को दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर डटे हुए हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कुछ किसान नेताओं के बीच मंगलवार रात हुई बातचीत के …

नई दिल्ली। केंद्र और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता के बेनतीजा रहने के साथ हजारों किसान नये कृषि कानूनों को निरस्त किए जाने की मांग के साथ बुधवार को दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर डटे हुए हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कुछ किसान नेताओं के बीच मंगलवार रात हुई बातचीत के विफल रहने के बाद 40 किसान यूनियनों के नेताओं के साथ बुधवार को होने वाली छठे दौर की महत्वपूर्ण वार्ता भी रद्द हो गई है।

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, ”किसान यूनियन के नेताओं के साथ आज की वार्ता रद्द कर दी गई है।” सरकार के तीनों कृषि कानूनों के कुछ प्रावधानों में महत्वपूर्ण संशोधन के सबंध में लिखित प्रस्ताव किसान यूनियन को भेजने की औपचारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई है।

केन्द्रीय गृह मंत्री की अखिल भारतीय किसान सभा के हन्नान मोल्ला और भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राकेश टिकैत सहित किसान यूनियन नेताओं के एक समूह के साथ मंगलवार को हुई बैठक में भी कोई हल नहीं निकल पाया था। बैठक में, शाह ने लिखित रूप में तीन कृषि कानूनों के कुछ प्रावधानों में संशोधन की पेशकश की थी, लेकिन कुछ किसान नेताओं ने कहा था कि वे बुधवार को प्रस्तावित बैठक में शामिल नहीं होंगे। इन नेताओं ने कहा था कि सरकार के लिखित प्रस्ताव पर विचार-विमर्श के बाद ही अगले कदम पर निर्णय किया जाएगा।

कृषि कानूनों में संशोधन करने के सरकार के प्रस्ताव को ठुकराने वाले किसान नेताओं ने कहा कि कानून निरस्त करने से कम कुछ भी उन्हें मंजूर नहीं है। दिल्ली के सिंघू, टिकरी, गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन जारी रहने से यातायात बाधित हो गया। दिल्ली यातयात पुलिस ने ट्विट के जरिए लोगों को बताया कि टिकरी, झरोदा, ढांसा बॉर्डर यातायात के लिए बंद है। झटिकारा बॉर्डर केवल दुपहिया वाहनों और पैदल चलने वालों के लिए खुला है। यातायात पुलिस ने हरियाणा की तरफ जाने वालों को दौराला, कापसहेड़ा, बडूसराय, रजोकरी एनएच-आठ, बिजवासन-बजघेड़ा, पालम विहार, डुंडुहेड़ा बॉर्डर से जाने को कहा है।

दिल्ली यातायात पुलिस ने ट्वीट किया, ”सिंघू, औचंदी, पियाऊ मनियारी, मंगेश बॉर्डर बंद हैं। दोनों तरफ एनएच-44 बंद है। लामपुर, सफियाबाद, सबोली, एनएच-आठ, भोपुरा, अप्सरा बॉर्डर के जरिए वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करें।” यातायात पुलिस ने कहा कि मुबारका और जीटीके रोड से यातायात को दूसरी ओर मोड़ दिया गया है और यात्रियों को बाहरी रिंग रोड, जीटीके रोड, एनएच-44 से परहेज करने को कहा।

किसानों और सरकार के बीच अभी तक पांच बार बैठक हो चुकी है, लेकिन मामले का कोई हल नहीं निकल पाया है। प्रदर्शन कर रहे किसान काननू में संशोधन के सरकार के प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए, इन्हें वापस लिए जाने की मांग पर अडिग हैं। प्रदर्शन कर रहे किसानों का दावा है कि ये कानून उद्योग जगत को फायदा पहुंचाने के लिए लाए गए हैं और इनसे मंडी और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था खत्म हो जाएगी।

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