कानपूर में अकेलेपन से दुखी युवक ने दी जान, मां-बेटे को बाजार भेजकर लगाई फांसी
कानपुर, अमृत विचार। बिठूर में अकेलापन से दुखी युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। गले में फंदा कसने से पहले युवक ने मां को सब्जी और बेटे को पतंग खरीदने भेज दिया था। अकेले होने पर जीने के एंगल में दुपट्टा बांधकर फांसी लगा ली। बाजार से लौटे परिजनों ने युवक का शव लटका देखा तो चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच-पड़ताल की।
बिठूर के मकसूदाबाद निवासी स्व. गोपाल प्रजापति का 30 वर्षीय बेटा दीपू खेती करता था। परिवार में मां सुदामा, दो बच्चे रितिक व लाडो हैं। मामा जगराम ने बताया कि दीपू की पत्नी संगीता की तीन साल पहले प्रसव के दौरान मौत हो गई थी। उन्होंने बताया कि बच्चा मृत पैदा हुआ था। जिससे इंफेक्शन होने पर संगीता की भी जान चली गई थी। पत्नी की मौत के बाद से ही दीपू उदास रहने लगा था।
अकेलापन उसे दुखी कर रहा था। उसी के चलते उसने आत्महत्या कर ली। दीपू ने आत्महत्या का इरादा करने के बाद मां और बेटे को बाजार भेज दिया था। इसी बीच उसने सीढ़ियों के लोहे के एंगल में दुपट्टा बांधकर फंसे से लटक गया। मां-बेटा बाजार से लौटे तो दीपू का शव लटका देखकर चीख पड़े। शोर सुनकर आसपास के लोग एकत्र हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच-पड़ताल की।
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