बरेली: राजधानी एक्सप्रेस में फौजी बोला- ‘मैं और मेरे साथी कोरोना संक्रमित हैं’, मचा हड़कंप

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अमृत विचार, बरेली। डिब्रूगढ़ से नई दिल्ली जाने वाली 02505 स्पेशल राजधानी एक्सप्रेस में बरेली पहुंचने से पहले उसमें यात्रा कर एक फौजी ने कह दिया कि वह और उसके साथी कोरोना संक्रमित हैं। वह तेजपुर में तैनात है और अपने दो दोस्तों के साथ बरेली जा रहा रहा है। कोरोना संक्रमित होने की सूचना …

अमृत विचार, बरेली। डिब्रूगढ़ से नई दिल्ली जाने वाली 02505 स्पेशल राजधानी एक्सप्रेस में बरेली पहुंचने से पहले उसमें यात्रा कर एक फौजी ने कह दिया कि वह और उसके साथी कोरोना संक्रमित हैं। वह तेजपुर में तैनात है और अपने दो दोस्तों के साथ बरेली जा रहा रहा है। कोरोना संक्रमित होने की सूचना से ट्रेन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने आरपीएफ जीआरपी ने जब उसे बरेली जंक्शन पर उतारकर कोरोना जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम के हवाले कर दिया तो वह जांच से पहले ही भाग गया।

आरपीएफ इंस्पेक्टर विपिन शिशौदिया ने बताया कि ट्रेन के लखनऊ से निकलने के बाद ही उन्हें कंट्रोल से संदेश मिला कि 02505 डिब्रूगढ़-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के बी-1 कोच में बर्थ संख्या 1, 2 और 3 पर विजय रावत, बसंत और प्रदीप नाम के यात्रा करने वाले तीनों यात्री कोरोना संक्रमित हैं। उन्हें उतारकर कोरोना जांच कराई जाए। ट्रेन बुधवार सुबह 11 बजकर 08 मिनट पर प्लेटफार्म पर पहुंची तो आरपीएफ और जीआरपी की टीमें बी-1 कोच में पहुंच गईं।

तीनों यात्रियों को उतारा गया। जांच में पता चला कि बसंत रावत और प्रदीप रावत तो ठीक है मगर विजय रावत शराब के नशे में था। बताया गया कि विजय रावत ने शराब के नशे में पूरे कोच में यह कह दिया कि वह कोरोना संक्रमित है। इससे हड़कंप मच गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह भरतौल के रेंज कालौनी का रहने वाला है। उसके पिता एसएस रावत भी उसी कॉलोनी में रहते हैं।

जांच होने से पहले ही भाग गया फौजी

ट्रेन से उतरने और पूछताछ के बाद आरपीएफ ने 108 एंबुलेंस के लिए फोन किया। मामले को संदिग्ध मानते हुए फौजी को कोरोना जांच के लिए गौटिया स्थित कोविड-19 अस्पताल भेजा गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम फौजी की केवल पर्चा ही बना पाई थी। जांच के लिए जब उसे अंदर ले जाया जा रहा था तभी वहां स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों से खुद को छुड़ाकर भाग गया। टीम ने पीछा भी किया मगर वह चंपत हो गया। अब स्वास्थ्य विभाग की टीम फौजी के बताए गए पते पर उसे ढूंढने की कोशिश में लगी है। फौजी की तरफ से बताया गया पता कितना सही है, इसका भी अभी कोई पुख्ता सबूत नहीं है। ऐसे में उस संदिग्ध को ढूंढने में काफी दिक्कतें आ रही है।

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