लखनऊ : जानकीपुरम में डायरिया से किशोरी की मौत, दो भर्ती

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Edited By Amrit Vichar
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 अब तक दो लोगों की जा चुकी है जान,स्वास्थ्य विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा

लखनऊ, अमृत विचार । जानकीपुरम विस्तार में डायरिया का प्रकोप अभी थमा नहीं है। अब डायरिया पीड़ित एक किशोरी की भी सांसें थम गईं। डायरिया के तीन नए मरीज भी मिले हैं। इनमें से दो मरीजों को भर्ती कराया गया। इससे पहले एक पुरुष की मौत हो चुकी है। अभी भी इलाके में कई और लोग डायरिया की चपेट में हैं। लगातार मौतों पर भी स्वास्थ्य महकमा हाथ पर हाथ धरे बैठा है। मुहैया कराई जा रही इलाज की सुविधाएं कठघरे में आ रही हैं। फजीहत के बाद सीएमओ ने बुधवार को जानकीपुरम ट्रॉमा सेंटर का जायजा लिया।

जानकीपुरम विस्तार के सेक्टर-3, 7 एवं 8 में करीब 10 दिनों से डायरिया का प्रकोप है। अब तक 150 से अधिक लोग इसके चपेट में आ चुके हैं। स्थानीय निवासी 12 वर्षीय सरिता बीते गुरुवार से बीमार थी। मूल रूप से बलिया निवासी उमाशंकर सिंह सेक्टर-8 में परिवार के साथ झोपड़ी डालकर रहते हैं। तबीयत खराब होने पर परिवारीजन पहले स्थानीय डॉक्टर की सलाह ली। हालत गंभीर होने पर परिवारीजनों ने किशोरी को जानकीपुरम ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। इलाज के बावजूद मरीज की तबीयत में सुधार नहीं हुआ। नाजुक हाल में डायरिया पीड़ित को बलरामपुर अस्पताल में रेफर कर दिया गया। इमरजेंसी में डॉक्टरों ने मरीज को देखा। इलाज शुरू किया।

इलाज में लापरवाही का आरोप

मां सरोजनी का आरोप है कि जानकीपुरम ट्रॉमा के डॉक्टरों ने समय रहते मरीज को रेफर नहीं किया। कई बार डॉक्टरों से मरीज को रेफर करने की गुजारिश की, लेकिन डॉक्टरों ने एक न सुनी। हालत बिगड़ने पर सिविल अस्पताल भेजा गया, जहां भर्ती करने से मना कर दिया गया। इसके बाद परिजन बलरामपुर अस्पताल पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद सरिता को भर्ती किया गया। सांस लेने में दिक्कत होने उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। देर रात करीब डेढ़ बजे सरिता की सांसें थम गईं। भाई अर्जुन सिंह (15) को भी डायरिया की शिकायत के बाद ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। इससे पहले शनिवार को बर्तन बेचने वाले राजेश कौशल (50) की मौत हो चुकी है। अब तक डायरिया से दो मौतें हो चुकी हैं।

इलाके में दहशत

डायरिया से इलाके में दहाशत है। कई लोगों ने सप्लाई का पानी सीधे पीने से इनकार कर दिया हे। लोग उबालने के बाद पानी को ठंडाकर प्यास बुझाने को मजबूर हैं। जानकीपुरम इलाके में अभी भी नए मरीज मिल रहे हैं। इसकी रोकथाम के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। इसका खामियाजा आमजनों को भुगतना पड़ रहा है।

बीमारी कैसे फैली, नहीं बता पा रहा स्वास्थ्य विभाग

जानकीपुरम विस्तार में डायरिया कैसे फैला इसके रहस्य से स्वास्थ्य विभाग पर्दा नहीं उठा पा रहा है। शुरुआत में दूषित पानी पीने से बीमार पड़ने की आशंका जताई गई थी। लेकिन जांच में पानी शुद्ध होने का दावा किया गया। स्वास्थ्य विभाग क्षेत्र में सिर्फ शिविर लगाकर खानापूरी कर रहा है। बीमार होने पर मरीजों के साथ रेफर करने का खेल खेला जा रहा है।

सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि किशोरी के डेथ ऑडिट में हाइपोवोलेमिक शॉक विथ सेप्टिसीमिया आया है। क्षेत्र में स्वास्थ्य टीम सक्रिय है। बुधवार को टीम ने 56 घरों का निरीक्षण किया। शिविर में 15 मरीजों को देखा गया है, जिसमें डायरिया के तीन नए रोगी मिले। जिसमें से दो रोगियों को भर्ती कराया गया है। क्षेत्र में ब्लीचिंग पाउडर एण्टी लार्वा रसायन का छिडकाव कराया जा रहा है। बचाव के लिए लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।

फैजुल्लागंज में राहत
 
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि क्षेत्र के अन्तर्गत मामा कालोनी एवं शिव शक्तिनगर में टीमों ने बुधवार को क्षेत्र में 140 घरों का सर्वे करते हुए 62 मरीजों को देखा। डायरिया का कोई रोगी नही पाया गया। क्षेत्र में एमएमयू के माध्यम से मरीजों को उपचार प्रदान किया गया। जिला मलेरिया अधिकारी की टीम द्वारा क्षेत्र में एण्टी लार्वा रसायन का छिड़काव भी किया गया।

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