बरेली: स्मार्ट सिटी योजना से कुतुबखाना चौराहे पर वाई शेप में बनेगा ओवरब्रिज

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बरेली,अमृत विचार। शहर के सबसे व्यस्त कुतुबखाना चौराहे, कोतवाली रोड और बिहारीपुर रोड पर जाम के झंझट को हमेशा के लिये समाप्त करने के लिये मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद ने बड़ी कार्ययोजना तैयार करायी है। मंडलायुक्त ने उस फाइल को फिर बाहर निकलवाया है जिसमें वर्ष 2018 में कुतुबखाना चौराहे पर ओवरब्रिज निर्माण करने की रूपरेखा …

बरेली,अमृत विचार। शहर के सबसे व्यस्त कुतुबखाना चौराहे, कोतवाली रोड और बिहारीपुर रोड पर जाम के झंझट को हमेशा के लिये समाप्त करने के लिये मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद ने बड़ी कार्ययोजना तैयार करायी है। मंडलायुक्त ने उस फाइल को फिर बाहर निकलवाया है जिसमें वर्ष 2018 में कुतुबखाना चौराहे पर ओवरब्रिज निर्माण करने की रूपरेखा तैयार की गयी थी।

उस वक्त वाईशेप ओवरब्रिज का सर्वे नहीं हुआ था लेकिन इस बार वाईशेप ओवरब्रिज निर्माण कराने के लिये मंडलायुक्त सेतु निगम से सर्वे भी करा चुके हैं। ओवरब्रिज का निर्माण स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से कराया जाएगा। इसलिए, ओवरब्रिज के लिये धन की कमी नहीं रहेगी।

अधिकारी बताते हैं कि ओवरब्रिज निर्माण में कुतुबखाना चौराहा मुख्य केंद्र रहेगा। यहां से ओवरब्रिज कोहाड़ापीर चौराहे पर उतरेगा। घंटाघर की तरफ बात करें तो कुतुबखाना चौराहे से वाईशेप में ब्रांच ओवरब्रिज कोतवाली तक और बिहारीपुर ढाल तक उतरेगा। पूरे क्षेत्र का मंडलायुक्त के निर्देश पर सेतु निगम के अधिकारी सर्वे कर चुके हैं। करीब 1200 मीटर लंबा ओवरब्रिज निर्माण कराने की कार्ययोजना है।

अधिकारी बताते हैं कि दो दिन पहले मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद ने डीएम नितीश कुमार के साथ कुतुबखाना चौराहे का निरीक्षण किया था। अधिकारियों ने कोतवाली रोड पर जाम की स्थिति देखी। कुतुबखाना चौराहे की स्थिति देखने के बाद अधिकारी बिहारीपुर रोड से होते हुये चौपुला चौराहे तक गये थे।

माना जा रहा है कि मंडलायुक्त की अध्यक्षता में ओवरब्रिज निर्माण को लेकर निर्णय लेने के लिये नगर निगम और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अधिकारियों के साथ जल्द बड़ी बैठक हो सकती है। बता दें कि अक्टूबर, 2018 में मेयर डा. उमेश गौतम ने कुतुबखाना चौराहे पर ओवरब्रिज निर्माण कराने के लिये सेतु निगम से सर्वे कराया था लेकिन व्यापारियों के विरोध के चलते ओवरब्रिज निर्माण की फाइल दबकर रह गयी।

पहले 1600 मीटर ओवरब्रिज निर्माण को हुआ था सर्वे
अक्टूबर, 2018 में कुतुबखाना पर 1600 मीटर का ओवरब्रिज निर्माण का सर्वे कराया गया था। सर्वे के बाद सेतु निगम ने इसका खाका तैयार कर लिया था लेकिन सेतु निगम और नगर निगम के बीच एमओयू साइन नहीं हुआ। इससे न तो फाइनल डिजाइन बना और न ही एस्टीमेट तैयार हुआ। उस वक्त मेयर डा. उमेश गौतम ने कोतवाली के पास से कुतुबखाना होते हुए कोहाड़ापीर चौराहे तक ओवरब्रिज का प्रस्ताव बनवाया था। सेतु निगम के सर्वे के अनुसार पुल की कुल लंबाई 1600 मीटर थी। इसमें मुख्य पुल 1300 मीटर का था जबकि जिला अस्पताल गेट पर दोनों ओर डेढ़-डेढ़ सौ मीटर के ब्रांच पुल भी शामिल किये गये थे।

रूट को सेतु निगम पहले ही हरी झंडी दे चुका है
अधिकारी बताते हैं कि पिछले साल यह भी मुद्दा उठा था कि कुतुबखाना वाली सड़क कम चौड़ी है। तब यह बात सामने आयी थी कि श्यामगंज ओवरब्रिज निर्माण के दौरान वहां की सड़क भी साढ़े आठ मीटर ही थी। बावजूद इसके श्यामगंज ओवरब्रिज का निर्माण हो गया। कुतुबखाना से कोहाड़ापीर तक थोड़े से हिस्से में ही सड़क करीब साढ़े आठ मीटर है। बाकी जगह सड़क की चौड़ाई ठीक है। इसलिए सेतु निगम ने रूट को लेकर पूर्व में ही हरी झंडी दे दी थी।

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