नहीं रहा चार साल का मासूम, इलाज के दौरान हुई मौत, पिता ने एंबुलेंस कर्मियों पर लगाया लापरवाही का आरोप
सूरतगंज, बाराबंकी, अमृत विचार । तेज बुखार और झटके से पीड़ित चार वर्षीय एक बच्चे ने दम तोड़ दिया। उधर पिता का आरोप है कि एंबुलेंस के एमटी ने उसको सीएचसी पर भर्ती कराना भी उचित नहीं समझा।
मोहम्मदपुर खाला थाना के नर्सरी लालपुर करौता गांव निवासी लालता प्रसाद का आरोप है कि उसका बेटा उल्टी दस्त और बुखार से पीड़ित था। मंगलवार की शाम उसको तेज बुखार चढ़ने लगा। बुधवार की दोपहर बेटे को झटके महसूस हुए, तो उसने एंबुलेंस 108 को फोन कर घर बुलाया। जिसके बाद वह एंबुलेन्स से सीएचसी सूरतगंज को पहुंचा। पिता का आरोप है कि एंबुलेंसकर्मी बेटे को भर्ती न कराए बिना ही छोड़कर चले गये।
जहां मौजूद डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद तेज बुखार की बात बोल उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। मजबूर होकर वह पिता पैदल ही उसको लेकर चल दिया, लेकिन अस्पताल के बाहर पहुंचते ही उसके पैदल जाने की जानकारी सीएचसी अधीक्षक को लगी तो उन्होंने तत्काल उसको वापस बुलाया। पिता ने एंबुलेंस को फोन किया। लेकिन एंबुलेंस को आने में समय देख अधीक्षक ने 108 एंबुलेंस में पहले से मौजूद पैर टूटे मरीज के संग ही तत्काल उसे जिला अस्पताल रवाना किया। जिला अस्पताल पर भर्ती करने के कुछ देर बाद उस बच्चे ने दम तोड़ दिया।
