बाराबंकी: नहीं बदले घाघरा नदी किनारे रहने वालों के हालात, पंचायत चुनाव मे दूसरी बार टेंट में मतदान करेंगे लोग
टिकैतनगर, बाराबंकी। घाघरा नदी में पता नही कितना पानी बहा व कितनी सरकारें बदली मगर नहीं बदले तो घाघरा के किनारे रहने वालों के हालात। यहां न स्कूल है न कॉलेज और न ही घर और सड़क। मतदान केंद्रों पर नाव से पहुंचकर मतदान करने की विवशता भी इनको लोकतंत्र के प्रति अपार आस्था डिगा …
टिकैतनगर, बाराबंकी। घाघरा नदी में पता नही कितना पानी बहा व कितनी सरकारें बदली मगर नहीं बदले तो घाघरा के किनारे रहने वालों के हालात। यहां न स्कूल है न कॉलेज और न ही घर और सड़क। मतदान केंद्रों पर नाव से पहुंचकर मतदान करने की विवशता भी इनको लोकतंत्र के प्रति अपार आस्था डिगा नहीं सकी। यहां के लोग इस बार भी पंचायत चुनाव मे दूसरी बार टेंट में मतदान करेंगे।
पूरेडलई ब्लॉक के मांझा रायपुर का प्राथमिक विद्यालय पांच वर्ष पहले नदी की धारा में विलीन हो गया था।
जिससे यहां पर तटबंध के निकट ग्राम पंचायत की सुरक्षित आबादी पर मतदान केंद्र बनाया जाना प्रस्तावित है। इसी तरह परसावल गांव का प्राथमिक विद्यालय व उच्च प्राथमिक विद्यालय भी नदी में विलीन हो चुका है। जिससे यहां के लोगों को नैपूरा के प्राथमिक विद्यालय में बनाए गए मतदान केंद्र में अपने मत का प्रयोग करेंगे। पूरेडलई ब्लाक की ग्राम पंचायत मांझा रायपुर की आबादी नदी के दोनों तरफ बसी हुई है। मतदाताओं के लिए नदी के किनारे पर टीन सेट व त्रिपाल या तानकर छप्पर मे मतदान केंद्र बनाया जाना प्रस्तावित है क्योंकि यहां का प्राथमिक विद्यालय घाघरा की बाढ़ में बह चुका है।
नदी पार करने के जोखिम के कारण सैकड़ों लोग हर बार यहां मतदान से वंचित रह जाते हैं उसके बाद भी तराई क्षेत्र के लोगों के मन में लोकतंत्र के प्रति अपार आस्था है। मांझा रायपुर में करीब 2000 मतदाता हैं जिनके लिए दो बूथ बनाए जाने हैं गांव के राम दीन के मुताबिक तटबंध पर नदी के निकट मतदान केंद्र बनाया जाएगा। उसके आसपास केवल 400 मतदाता ही रहते हैं जबकि दूसरी तरफ रेता में अन्य मतदाताओं की आबादी रहती है। ऐसे में अधिकांश मतदाताओं को नदी को नाव से पार कर जाना पड़ेगा।
परसावल ग्राम पंचायत में 2115 मतदाता हैं यहां का मतदान केंद्र गांव से दो किलोमीटर की दूरी पर बनाया गया है। जिससे यहां भी लोगों को मतदान करने में दिक्कत होगी उसके बाद भी ऐसे लोकतंत्र के पर्व में मतदाताओं का उत्साह कम नहीं है। तराई क्षेत्र के ग्रामीण इस्पेक्टर यादव, रामनिवास कहते हैं की अपने मतों का प्रयोग हर हाल में करेंगे चाहे उसके लिए कितनी भी पीड़ा सहनी पड़े।
मांझा रायपुर में तटबंध पर टेंट लगाकर अस्थाई मतदान केंद्र बनना प्रस्तावित है उसके लिए चुनाव से एक सप्ताह पहले मतदान केंद्र तैयार कर लिया जाएगा। अखिलेश सिंह, तहसीलदार सिरौलीगौसपुर
