Bareilly : शिक्षक दंपति के बेटे का अपहरण का प्रयास, मास्टर माइंड महिला समेत पांच गिरफ्तार

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। बिथरी थाना क्षेत्र में सरकारी शिक्षक के बेटे का अपहरण कर फिर मोटी फिरौती वसूलने के प्रयास मामले में पुलिस ने मंगलवार को मास्टर माइंड महिला समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कार, बाइक, तमंचा, चाकू और मोबाइल फोन बरामद किया है।

आरोपियों ने सरकारी अध्यापक के बेटे को फिरौती के लिए अगवा करने की कोशिश की थी, लेकिन उसमें असफल हो गए थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जहागीरी मस्जिद निवासी मोहम्मद राजिक अंसारी, लारेब, जगतपुर के सरताज, दानिश और मास्टर माइंड अशोक सम्राट नगर निवासी पूजा सिंह के रूप में हुई है, जबकि मुस्तकीम और उसकी पत्नी फरार चल रही हैं।

एसपी उत्तरी मुकेश चन्द मिश्रा ने बताया कि अपहरण कांड की मास्टर माइंड पूजा सिंह समेत पांच आरोपियों ने मुस्तकीम और उसकी पत्नी के साथ मिलकर रामगंगा नगर क्षेत्र के रहने वाले सरकारी शिक्षक गेंदनलाल के बेटे पीयूष के अपहरण की योजना बनाई। पूजा ने आरोपियों को बताया था कि पीयूष के माता-पिता सरकारी अध्यापक हैं। ऐसे में बेटे को बचाने के लिए फिरौती के तौर पर मोटी रकम मिलने की उम्मीद है। पीयूष 21 अगस्त की सुबह करीब सात बजे साइकिल से स्कूल के लिए घर से निकला। आरोप है कि रास्ते में चन्द्रा बिल्डिंग मैटेरियल के पास आरोपी कार और मोटर साइकिलों पर सवार होकर मास्क लगाकर पीयूष को अपहरण करने की नीयत उसे कार में डालने का प्रयास किया, लेकिन पीयूष किसी तरह से इनके चंगुल से छूटकर रामगंगा नगर कॉलोनी की तरफ भागा। लोगों की भीड़ देखकर आरोपी वहां से फरार हो गए। पिता की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रही थी। पुलिस टीम ने मंगलवार को डोहरा रोड स्थित ग्राम मोहनपुर उर्फ रामनगर के पास से और अन्य स्थानों से पांचों को गिरफ्तार कर लिया। मामले में आर्म्स एक्ट की धारा बढ़ाई गई है।

मास्टर माइंड पूजा ने बनाई थी पूरी योजना
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पूजा सिंह यहां पर किराये पर रहती हैं। वह सभी की जानकार हैं। पूजा ने ही सभी को बताया की पीयूष अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है। इसके माता पिता के पास बहुत रुपये हैं। दोनों सरकारी टीचर हैं। अगर पीयूष का अपहरण कर लिया जाए तो मोटी रकम मिल जाएगी। बातों में आकर सभी ने उसके अपहरण का प्रयास किया, लेकिन काफी भीड़-भाड़ होने के कारण वह इन लोगों के हाथ से बच निकला। वारदात के समय पूजा भी योजना के अनुसार कुछ दूरी पर पास में ही खड़ी थी। उसने ही इशारा करके पीयूष के आने के बारे में बताया था।

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