बाराबंकी: बाइक सवार बदमाशों ने हेडमास्टर से छीना बैग, रिपोर्ट दर्ज

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Edited By Amrit Vichar
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मसौली/बाराबंकी, अमृत विचार। बाराबंकी के मसौली थाना क्षेत्र में गुरुवार को हाईवे पर नेवला करसंडा के पास ई रिक्शा सवार लखनऊ की महिला से बाइक सवार बदमाशों की छिनैती से करीब छह दिन पूर्व इसी जगह पर एक प्रधानाध्यापिका से भी बैग छीना गया था। चर्चा है कि उस घटना का पुलिस संज्ञान लेती तो दूसरी वारदात की नौबत शायद न आती।

जानकारी के अनुसार प्राथमिक विद्यालय कूड़ी विकास खंड मसौली में बतौर प्रधानाध्यापिका तैनात सायरा पत्नी रिजवान गत 4 सितंबर को बड़ागांव स्थित बीआरसी में प्रशिक्षण समाप्त कर बैट्री रिक्शे से घर बाराबंकी लौट रही थीं। जैसे ही रिक्शा नेवला करसंडा नहर के पास पहुंचा, दो अज्ञात बाइक सवार युवकों ने उनका बैग छीन लिया और बाराबंकी की ओर फरार हो गए। 

शिक्षिका ने बताया कि बैग में लगभग 4 से 5 हजार रुपये नकद, एक आईफोन मोबाइल, आधार पैन कार्ड, तीन एटीएम कार्ड, ईपीआईसी कार्ड समेत अन्य आवश्यक कागजात रखे हुए थे। पीड़िता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। एक दिन पूर्व गुरुवार को इसी जगह पर बिंदौरा में दवा लेने के बाद बाराबंकी वापस जा रही लखनऊ वासी महिला से भी बैग छीना गया था और आरोपी बाइक सवार दो बदमाश थे।

डाककर्मी एजेंट ने मिलकर हड़पे चालीस हजार रुपये 

हैदरगढ़: कस्बा स्थित डाकघर कर्मी ने कथित एजेंट से मिलीभगत कर एक खाताधारक के 40 हजार रुपये हड़प लिए। रुपया लेने के बाद उसे पासबुक पर चढ़ाया ही नहीं गया। काफी प्रयास के बाद भी रुपये वापस न मिलने पर पीड़ित ने कोतवाली पुलिस से मामले की शिकायत की है। कोतवाली क्षेत्र के करौंदी गांव निवासी लल्लू पाल ने शुक्रवार को कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि एक माह पहले वह अपने खाते में पैसा जमा करने हैदरगढ़ स्थित डाकघर आया। 

बताया कि यहां एजेंट के तौर पर काम करने वाले श्रवण मिश्रा से उनकी काफी जान पहचान है। डाकघर का लेनदेन इन्हीं की सहायता से होता चला आ रहा है। अशिक्षित होने के कारण श्री मिश्रा से चालीस हजार रूपया जमा करने की रसीद भरवाई। उनके बताने के मुताबिक यहां के डाक कर्मी के पास पहुंचकर 40 हजार व पासबुक दे दिया। जिसके बाद कर्मी ने  रूपया मशीन में डालकर गिन लिया और बताया कि पासबुक श्रवण मिश्रा से ले लेना।

 
इसके बाद वह श्रवण मिश्रा से अपनी पासबुक व रसीद की मांग करता रहा लेकिन वह टालमटोल करते रहे। दबाव बनाने पर उन्होंने पासबुक तो वापस की लेकिन दिया गया चालीस हजार रूपया पासबुक पर नहीं चढा था। बताया कि डाकघर कर्मी व एजेंट एक दूसरे पर पैसा हड़पने का आरोप लगा रहे हैं। पीड़ित ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है।

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