अयोध्या दीपोत्सव 2025 : 500 महाविद्यालयों की भागीदारी, तीन विश्वविद्यालय जुड़ेंगे पहली बार
अयोध्या, अमृत विचार। प्रदेश के सांस्कृतिक महाकुंभ के रूप में प्रसिद्ध अयोध्या दीपोत्सव 2025 के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार आयोजन में तीन विश्वविद्यालयों समेत 500 से अधिक महाविद्यालय अपनी सहभागिता दर्ज कराएंगे। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के साथ इस बार कृषि विश्वविद्यालय और बलरामपुर का मां पाटेश्वरी देवी विश्वविद्यालय पहली बार इस भव्य उत्सव से जुड़ेंगे।
दीपोत्सव की सफलता सुनिश्चित करने के लिए 32 हजार से अधिक स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी। इसके अतिरिक्त, 400 से अधिक घाट प्रभारी, सह-प्रभारी और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति भी की जाएगी। सारी व्यवस्था की कमान 25 समितियों के हाथों में सौंपी गई है, जो विभिन्न पहलुओं जैसे स्वयंसेवक प्रबंधन, दीप प्रज्ज्वलन, सुरक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संचालन करेंगी।
दीपोत्सव आयोजन समिति के नोडल अधिकारी प्रो. संत शरण मिश्र ने बताया कि सितंबर के अंतिम सप्ताह तक स्वयंसेवकों और अन्य संसाधनों का डाटा बैंक तैयार कर लिया जाएगा। यह डाटा बैंक घाटों पर दीयों की संख्या, स्वयंसेवकों की तैनाती और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के निर्धारण में सहायक सिद्ध होगा।
पिछले वर्षों की तर्ज पर इस बार भी 55 घाटों पर 28 लाख से अधिक दीयों से अयोध्या को जगमगाया जाएगा। विश्व रिकॉर्ड बनाने की दिशा में प्रयास तेज हैं। विश्वविद्यालय ने घाटों पर दीयों और स्वयंसेवकों की संख्या का विस्तृत आंकड़ा भी जारी किया है, जिसमें राम की पैड़ी घाट नंबर एक पर 65,000 दीयों की व्यवस्था का उल्लेख है।
मां पाटेश्वरी देवी विश्वविद्यालय के लिए अनमोल अवसर : प्रो. रवि शंकर
मां पाटेश्वरी देवी विश्वविद्यालय, बलरामपुर के कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने इस सहभागिता पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए एक अनमोल अवसर होगा। जहां वे सांस्कृतिक विरासत से जुड़ सकेंगे। इसी प्रकार, कृषि विश्वविद्यालय की भागीदारी से पर्यावरण-अनुकूल दीपोत्सव की थीम को मजबूती मिलेगी।
ऑनलाइन दीपदान की भी होगी सुविधा : पांडेय
अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अश्वनी कुमार पांडेय ने बताया कि देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु इस महोत्सव में शामिल होने को उत्सुक हैं। ऑनलाइन दीपदान की सुविधा भी उपलब्ध होगी, जिससे दूर रहने वाले भक्त भी हिस्सा ले सकेंगे। 30 अक्टूबर को होने वाले इस आयोजन को भव्य बनाने के लिए सभी समितियां कड़ी मेहनत कर रही हैं।
