पीलीभीत: विश्व हिंदू रक्षा परिषद जिलाध्यक्ष, वरिष्ठ जिला महामंत्री समेत चार पर FIR

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Edited By Amrit Vichar
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पीलीभीत, अमृत विचार। एक दिन पूर्व पंडरी गोशाला में पहुंचे विश्व हिंदू रक्षा परिषद के जिलाध्यक्ष समेत अन्य पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं पर कानूनी शिकंजा कसा गया है। ग्राम प्रधान पुत्र ने कर्मचारियों से अभद्रता और रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए न्यूरिया थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।

न्यूरिया थाने में दी गई तहरीर में ग्राम पंडरी निवासी कमल कुमार पुत्र नरायनलाल ने बताया कि वह प्रधान का पुत्र है। उनके द्वारा ग्राम पंचायत पंडरी की गोशाला का संचालन किया जा रहा है। दस सितंबर की रात एक गोवंश की मौत हो गई थी। जिसकी अंत्येष्टि रात में हो पाना संभव नहीं था। इस पर शव गोशाला में सुरक्षित रखवा दिया गया था। 11 सितंबर की सुबह सात बजे अंतेष्टि करा दी गई। इसके बाद अगले दिन कुछ लोग काले रंग की कार से पंडरी गोशाला पहुंचे और कार से उतरते ही प्रधान पुत्र व समस्त केयर टेकर से गाली गलौज शुरू कर दी। 

जान से मारने की धमकी दी गई। विरोध करने पर कार से उतरे। आरोप है कि उन्हें पकड़कर थप्पड़ मारना शुरू कर दिए। बीस हजार रुपये न देने पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर जेल भिजवाने की धमकी दी गई। इसके बाद एक कार और आई, जिसमें अधिकारी थे। उन्होंने निरीक्षण कर सब कुछ बताकर समझाया -बुझाया और चले गए।  काले रंग की कार से आए यशवंत सिंह, गोपाल शर्मा, शैली उर्फ जॉली गुपता, गौरव रानणा आदि ने मानसिक, आर्थिक, सामाजिक रूप से प्रताड़ित  किया जा रहा है। बीस हजार रुपये न देने पर अंजाम भुगतने की धमकियां दी जा रही है। न्यूरिया पुलिस ने मामले में तहरीर के आधार पर विश्व हिंदू रक्षा परिषद के जिलाध्यक्ष समेत चार नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

प्रधान पुत्र हिंदू महासभा का जिला उपाध्यक्ष
एफआईआर दर्ज कराने वाले प्रधान पुत्र कमल कुमार भी संगठन से जुड़े हुए हैं। एफआईआर में भी उन्होंने इसका जिक्र किया है। ये बताया कि वह अखिल भारत हिंदू महासभा के जिला उपाध्यक्ष हैं। गोसवा करते रहते हैं। ये भी कहा कि उनका क्षेत्र जंगल इलाके में है। आए दिन बाघ का आतंक रहता है। इस कारण भस बना रहता है।

हमारे ऊपर लगाए आरोप निराधार, अफसर थे मौके पर
विश्व हिंदू रक्षा परिषद के जिलाध्यक्ष यशवंत सिंह का कहना है कि उनके ऊपर झूठी एफआईआर दर्ज कराई गई है। हमारे पहुंचने से पहले ही गोशाला में तहसीलदार समेत अन्य अधिकारी आ गए थे। उनके सामने ही वार्ता हुई न ही मारपीट की गई है न ही रंगदारी मांगी गई है। जानकारी मिली है, इसे लेकर न्यूरिया थाने जा रहे हैं। गलत तरीके से एफआईआर कराई गई है। 

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