बहराइच में वन्य जीवों का आतंक, दहशत में लोग, तलाशी अभियान शुरू

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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बहराइच। बहराइच जिले में लोगों पर अज्ञात वन्यजीव के अचानक फिर शुरू हुए हमलों के मद्देनजर वन विभाग ने भोपाल (मध्यप्रदेश) तथा कोलकाता (पश्चिम बंगाल) से पेशेवर विशेषज्ञों की टीम लगाकर शनिवार से क्षेत्र में विशेष तलाशी अभियान आरंभ किया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। 

बहराइच वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) राम सिंह यादव ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि वन्यजीव सक्रियता वाले इलाकों में शुक्रवार को 11 दल गश्त पर लगाये गये थे, जिनमें चार दल ‘देवीपाटन मंडल कंजरवेटर फॉरेस्ट’ के तथा सात दल बहराइच वन प्रभाग के थे। ये सभी दिन रात गश्त पर तलाशी अभियान में लगे हैं।’’ 

महसी तहसील के गोहरवा गांव में 11सितम्बर की देर रात अज्ञात वन्यजीव घर में मां की गोद में सो रही तीन माह की बच्ची को उठा कर ले गया था। शुक्रवार सुबह घर से थोड़ी दूर बच्ची का क्षत-विक्षत सिर ही बरामद हुआ। उसी रात घटनास्थल से तीन किलोमीटर दूर कैसरगंज तहसील के मझारा तौकली गांव के बभनावा हेमलेट में हिंसक वन्यजीव ने हमला कर 60 वर्षीय महिला को गंभीर रूप से घायल किया। 

नौ सितम्बर की रात मझारा तौकली गांव के हेमलेट परागपुरवा में भी हिंसक वन्यजीव ज्योति नामक चार वर्षीय एक बच्ची को घर के आंगन से उठाकर ले गया। दस सितम्बर की सुबह घर से करीब 800 मीटर दूर गन्ने के खेत से ज्योति का एक हाथ और एक पैर खाया हुआ शव बरामद हुआ था। इससे पहले 28 अगस्त की देर रात रात महसी तहसील के हरदी थानाक्षेत्र के तीन गांवों में अज्ञात वन्यजीव के हमलों से दो महिलाओं समेत चार लोग घायल हुए थे।

यादव ने बताया,‘‘घटनाओं की संवेदनशीलता के मद्देनजर उच्चाधिकारियों से पेशेवर बचाव विशेषज्ञों की मांग की गई। शनिवार को भोपाल से मोहित तथा कोलकाता से सोहम दत्ता के दलों ने क्षेत्र में पहुंचकर तलाशी अभियान शुरू किया।’’ डीएफओ ने बताया कि ये दोनों मोहित एवं सोहम वही पेशेवर हैं जिन्होंने गत वर्ष महसी क्षेत्र में आपरेशन भेड़िया के दौरान तलाशी अभियान में अपनी सेवाएं वन विभाग को दी थीं। 

उनका कहना था कि देश भर में कहीं भी वन्यजीव की तलाश अथवा उसे पकड़ने के लिए विभाग इनकी सेवाएं लेता रहा है। उन्होंने बताया, “स्थानीय स्तर पर उपलब्ध ड्रोन कैमरे भी तलाशी अभियान में लगाए गये हैं। गश्ती दलों द्वारा संवेदनशील स्थानों पर कैमरा ट्रैप्स लगाए गए हैं। प्रभावित ग्रामों में सोलर सीसीटीवी कैमरे स्थापित किये जा रहे हैं, ताकि वन्य जीव की पहचान सुनिश्चित करते हुए उसे सुरक्षित पकड़ा जा सके।’’

यादव ने बताया,‘‘कुछ स्थानीय लोग भेड़िए को हमलावर जानवर बता रहे हैं लेकिन कई ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में दिखाई दिया हिंसक जीव चितकबरा, धब्बेदार, लम्बी पूंछ वाला है, जो तेंदुए से मिलता जुलता है। सम्भावित स्थानों पर तीन पिंजड़े लगाये गये हैं। गश्ती दल पैदल चलकर सक्रिय वन्य जीव को चिन्हित कर उसके पगमार्क खोज रहे हैं। हमलावर वन्यजीव कौन सा है, इस बात पर हम अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके हैं।’’ 

पिछले साल जुलाई से सितम्बर 2024 के बीच बहराइच की महसी तहसील में भेड़ियों के हमलों ने शासन-प्रशासन की नींद उड़ा दी थी। इन हमलों में सात बच्चों समेत नौ लोगों की मौत हुई थी। हमलों से तीन दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए थे। उत्तर प्रदेश सरकार ने "आपरेशन भेड़िया" चलाकर पांच भेड़ियों को पकड़ा था। 

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