Bareilly : पहलवान साहब के कुल की रस्म अदा, शहर इमाम ने की शहीद-ए-आजम का लकब देने की मांग
बरेली, अमृत विचार। नॉवल्टी चौराहा स्थित हजरत सैयद वासिल शहीद उर्फ पहलवान साहब के 209 वें उर्स का समापन कुल की रस्म के साथ हो गया। सुबह 11:40 बजे कुल की रस्म अदा की गई। मुल्क में अमन चैन व भाईचारे की खास दुआ की गई व पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के लिए भी दुआ हुआ।
सचिव नोमान रजा खान ने बताया कि कारी फुरकान रजा नूरी और शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम ने पहलवान साहब की जिंदगी पर रौशनी डाली। मुफ्ती खुर्शीद आलम ने कहा कि पहलवान साहब ने वतन के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर अंग्रेजो के खिलाफ जंग लड़ी और शहीद हुए। बच्चा-बच्चा पहलवान साहब के नक्शेकदम पर चलकर अपने देश के लिए सब कुछ कुर्बान करने को तैयार है। इस अजीम मुजाहिद को शहीद-ए-आजम का लकब दिया जाना चाहिए।
हाजी गुलाम सुब्हानी ने साहिबे उर्स पहलवान साहब की शान में नात व मनकबत का नजराना पेश किया। कुल शरीफ नबीरे आलाहजरत मौलाना तौकीर रजा खान की सरपरस्ती व डॉ नफीस खान की सदारत में हुआ। इसके बाद दरगाह के सज्जादानशीन फरहान रजा खान ने सबको तबर्रुक तकसीम किया। उर्स की व्यवस्थाओं में मुख्य रूप से इमरान खान, शहजाद पठान नियाजी, रिजवान हुसैन अंसारी, रहबर अंसारी, सैयद रेहान अली, यासीन नूरी, सोहेब हसन अल्वी, मो शफी, नदीम खान, अफजल बेग,आर्यन रजा खान, निजाम कुरैशी, जाहिद रजा, जावेद खान, वासिफ यार खान, ईशान अंसारी आदि मौजूद रहे।
