कानपुर: वैश्य समाज आगे नहीं आता इसलिए राजनीति में पीछे, बैठक में बोले मंत्री नितिन अग्रवाल
यूपी आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने सर्किट हाउस में उद्यमियों, व्यापारियों, वैश्य समाज के पदाधिकारियों से की वार्ता
कानपुर, अमृत विचार। हर समाज के अपने नेता हैं, और वह अपनों के लिए कार्य कर रहे हैं। वैश्य समाज भाजपा का परंपरागत वोट है। जो विपरीत परिस्थितियों के बाद भी इधर से उधर नहीं हुआ। संघ के समय से अभी तक 100 फीसदी वोट भाजपा को ही मिलता है। जबकि यह 356 उप वर्गों में बटे हैं। यह बात रविवार को सर्किट हाउस में में यूपी आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने उद्यमियों, व्यापारियों, वैश्य समाज के पदाधिकारियों के साथ बैठक के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि इन उपवर्गों की गिनती की जाए तो पूरे हिंदुस्तान में सबसे अधिक बड़ी संख्या का समाज वैश्य समाज ही निकलेगा लेकिन यह अपने हक के लिए और अपनी लड़ाई के लिए आगे नहीं आते जिस कारण से यह सदैव राजनीति की ताकत से लाभ लेने में पीछे हो जाते हैं। अखिल भारतीय सर्व वैश्य महापरिषद द्वारा आयोजित बैठक में कानपुर के व्यापारी, उद्यमी और सर्व समाज के लोग रहे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय गुप्ता समाज ने कहा कि जब तक हमारे समाज को राजनीतिक ताकत नहीं मिलेगी तब तक हम लोगों का भला नहीं होगा। हमारे समाज के नौजवानों को सभासद, विधायक, प्रधान, ग्राम पंचायत के चुनाव लड़कर उसमें जीत कर आना चाहिए। सुरेंद्र गुप्ता गोल्डी ने समाज को एकजुट रहने की बात कही। आरके पोरवाल ने कहा कि मंत्री जी आपके पिता नरेश अग्रवाल प्रदेश समाज के नेता हुआ करते थे।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शिवकुमार जायसवाल, राजू कसौधन, मानिक लोहिया, अखिलेश गुप्ता, लखन ओमर, सुरेंद्र जायसवाल, मदन जयसवाल, नीरज जायसवाल, विकास जायसवाल, प्रदीप गुप्ता, योगेश गुप्ता, उमेश लोहिया, योगेंद्र करेले, विजय गुप्ता, अनुराग अग्रवाल, अमित गुप्ता, शाश्वत, रोहित, भूपेंद्र आदि रहे।
