कानपुर: महिला उद्यमी ने अखिलेश के खिलाफ दी तहरीर, एसआईटी ने शुरू की जांच
पीड़िता का आरोप, घर-फैक्ट्री समेत करोड़ों की संपत्ति पर भाई का कब्जा कराया
कानपुर अमृत विचार। अखिलेश दुबे से पीड़ित किदवईनगर की एक महिला उद्यमी ने पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार से मिलकर तहरीर दी है। जिसकी करोड़ों की संपत्ति, घर-फैक्ट्री पर अखिलेश ने उसके भाई का कब्जा करा दिया था। पीड़िता का आरोप है कि अखिलेश की करतूतों का विरोध करने पर उसे घर से उठवा लिया। अपने कार्यालय बुलाकर गालियां दीं, पिस्टल तान दी।
लकवा से पीड़ित उनके पिता की सदमें में जान चली गई। पुलिस कमिश्नर के आदेश पर एसआईटी ने तहरीर पर जांच शुरू कर दी है। किदवईनगर स्थित के-ब्लाक की महिला उद्यमी नीति कपूर ने अपनी तहरीर के माध्यम से बताया कि उनका भाई विपिन बजाज की संगत ठीक नहीं थी, वह जिद्दी और हठी स्वभाव का है। शराब पीकर पिता स्व. रमेश कुमार बजाज और मां स्नेहा से अक्सर मारपीट करता था। माता-पिता को घर से निकाल भी दिया था।
प्रताड़ना से तंग आकर माता-पिता उनके ससुराल डब्ल्यू ब्लाक केशवनगर आकर रहने लगे थे, लेकिन भाई विपिन की हरकतों में कोई बदलाव नहीं आया। उसकी स्वभाव और हठी होता गया। इस पर पिता ने 2018 भाई और उसकी पत्नी रितिका बजाज के खिलाफ नौबस्ता थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। जब पिता फैक्ट्री जाते तो भाई वहां भी पहुंचकर उनसे अभद्रता करता।
भाई की संगत व उसकी हरकतों से परेशान होकर पिता पहले ही आठ सितंबर 2017 को तीन फैक्ट्री, घर और प्लाट समेत करोड़ों की संपत्ति उनके नाम रजिस्टर्ड वसीयत कर चुके थे। उसी के बाद से भाई भाई विपिन बौखला गया था। इसके बाद उसने इलाके के टोनू यादव से संपर्क किया। उसके माध्यम से अखिलेश दुबे के पास पहुंचा।
फिर अखिलेश ने अपने पुलिस मददगारों के सहयोग से लकवाग्रस्त पिता पर चार फर्जी मुकदमे दर्ज करा दिए। इसके बाद मकान व फैक्ट्री पर कब्जा करवा लिया। पिता ने पुलिस अफसरों के यहां चक्कर काटे लेकिन कुछ नहीं हुआ। झूठे मुकदमों से माता-पिता पस्त हो गए। जिससे पहले माता स्नेहा की मौत हुई, फिर 30 अप्रैल 2021 को पिता की मौत हो गई।
अखिलेश ने कार्यालय बुलाकर दीं गालियां
पीड़िता नीति बजाज के अनुसार दिसंबर 2022 को टोनू यादव अपने साथियों के साथ उनके घर पहुंचा। धमकाते हुए उसने कहा कि अखिलेश दुबे ने बुलाया है। उन्होंने बताया कि जब वह अखिलेश के कार्यालय पहुंची तो उनका भाई, टोनू और दो मुस्लिम व्यक्ति मौजूद थे। अखिलेश ने उन्हें देखकर कहा कि विपिन हमारा साथी है। हमारे लिए काम करता है।
इसलिए उसे फैक्ट्री, मकान पर कब्जा दिलाया है। अब तुम कोई कार्रवाई नहीं करोगी। नहीं तो जान से मारवा देंगे। फैक्ट्री व घर छोड़ने से मना करने पर अखिलेश ने सभी के सामने गालियां दीं। अपनी पिस्टल सिर पर तान दी। कार की चाबी छीन ली। अखिलेश ने भाई की ओर से एक झूठी रिपोर्ट भी उनके खिलाफ गोविंदनगर थाने में दर्ज कराई, लेकिन जांच में क्लीनचिट मिली।
पुलिस कमिश्नर से मिली उद्यमी
पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार के अनुसार महिला उद्यमी नीति ने मिलकर पूरी घटना बताई और तहरीर दी है। जिसे जांच के लिए एसआईटी को सौंपा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। प्राथमिक जांच में यह पाया गया है कि महिला के नाम घर, फैक्ट्री समेत अन्य संपत्ति है, जिस पर उसके भाई का कब्जा है। रिपोर्ट आते ही कार्रवाई की जाएगी।
