बलरामपुर में उफान पर आया खरझार के पहाड़ी नाले, बाढ़ आने से आधा दर्जन गांव जलमग्न
बलरामपुर, अमृत विचार। बीती रात नेपाल पहाड़ी इलाकों में हुई भारी बारिश का असर सोमवार सुबह तराई क्षेत्र में दिखाई दिया। खरझार पहाड़ी नाले मे उफान आने से रामगढ़ मैटहवा, विजयी डीह, सुगानगर, जगरामपुरवा सहित आधा दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। अचानक आई बाढ़ से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गईं।
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लहेरी–विजयी डीह मार्ग पर पानी चढ़ जाने से आवागमन बाधित हो गया। खेतों में रेत और मलवा भर जाने से धान सहित अन्य फसलें नष्ट होने लगी हैं। इससे भविष्य की खेती भी संकट में पड़ गई है। गांवों में जलभराव के साथ गंदगी और बदबूदार मलवे का अंबार लग गया है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा मंडरा रहा है।
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गांव के प्रधान व ग्रामीणों—तुलाराम यादव, धनीराम वर्मा, रामकुमार, कैलाश यादव और राजेंद्र वर्मा—का कहना है कि हर बरसात में यही स्थिति बनती है। पहाड़ों पर बारिश होते ही खरझार समेत हेंगहा व धोबैनिया जैसे नाले उफान पर आ जाते हैं और गांव जलमग्न हो जाते हैं। पानी कुछ घंटों में उतर भी जाता है लेकिन गंदगी, कीचड़ और मलवे के ढेर गांव में रह जाते हैं।
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ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ के कारण न सिर्फ रास्ते बंद हो जाते हैं बल्कि मवेशियों के लिए चारे का संकट भी गहराता है। धान की फसल को जहां कुछ लाभ हुआ है, वहीं खेतों में भरे बाढ़ के पानी से खेती बर्बादी की कगार पर पहुंच रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत कार्य, सफाई अभियान और स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि हर साल इस समस्या से जूझना पड़ता है लेकिन ठोस व्यवस्था अब तक नहीं की गई है।
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