वाराणसी पुलिस आयुक्त ने सड़क से गंगा घाटों तक खुद संभाली चेकिंग अभियान की कमान, पैदल गश्त कर संदिग्ध व्यक्तियों से की पूछताछ

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Published By Deepak Mishra
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वाराणसी। धार्मिक नगरी काशी की सुरक्षा, यातायात और गंगा घाटों की व्यवस्था को चेक करने के लिए मंगलवार देर शाम पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने खुद कमान संभाल ली। पुलिस आयुक्त द्वारा घाटों का निरीक्षण करते हुए पैदल गश्त की गई। संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डीप वाटर बैरिकेडिंग की प्रभावी व्यवस्था की गई। जल पुलिस द्वारा समय-समय पर सघन जांच अभियान चलाकर नियमों की अवहेलना करने वाले नाविकों के विरुद्ध अब तक कुल 31 प्राथमिकियां दर्ज की गईं तथा 58 नावों को सीज किया गया। अग्रवाल ने घाट क्षेत्रों एवं शहर की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए दशाश्वमेध घाट, गोदौलिया, नमो घाट एवं अस्सी घाट क्षेत्रों में पैदल गश्त की। 

इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई। अवैध अतिक्रमण कर आवागमन एवं सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए घाटों पर स्थापित सुरक्षा उपकरणों को अद्यतन रखने, एनडीआरएफ एवं जल पुलिस को सतर्क एवं सक्रिय रहने तथा नाविकों द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। 

घाट क्षेत्रों में स्टंट एवं खतरनाक करतब दिखाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए गंगा में जल विहार करने वाले सभी व्यक्तियों के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य कर दिया गया। अग्रवाल ने कहा, "गंगा नदी केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति एवं आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। गंगा घाटों एवं नदी क्षेत्र में नशीले पदार्थों का सेवन करना तथा अपशिष्ट फेंकना पूर्णतः प्रतिबंधित है। ऐसे कृत्यों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।" 

श्रद्धालुओं को स्नान के दौरान डूबने की घटनाओं से सुरक्षित रखने के लिए घाटों पर डीप वाटर बैरिकेडिंग की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। एनडीआरएफ एवं जल पुलिस द्वारा नाविकों तथा श्रद्धालुओं को आपात परिस्थितियों में सुरक्षा उपायों, सतर्कता एवं आवश्यक सावधानियों के प्रति निरंतर जागरूक किया जा रहा है। 

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