हमीरपुर जिला कारागार में बंदी की संदिग्ध मौत पर बवाल, परिजनों ने हत्या का लगाया आरोप, सड़क जाम

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिला कारागार में बंदी की हुई मृत्यु से आक्रोशित परिजनों ने सोमवार को दोपहर जेल के सामने शव रख कर जाम लगा दिया। परिजनों का आरोप है कि कैदी की जेल में पिटाई से मौत हुई है। पुलिस के मुताबिक सदर कोतवाली के सूरजपुर गांव निवासी अनिल द्विवेदी (33) दस साल पहले पडोसी के साथ हुये विवाद में एससीएसटी के तहत चार दिन पहले उसे जेल में बंद कर दिया गया था। 

रविवार को जेल में उसकी अचानक तबीयत खराब हुई थी। जिला अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गयी। पोस्टमार्टम के समय परिवारीजनों ने देखा तो उसके शरीर में चोट के निशान थे। मृतक की पत्नी ने बताया कि शनिवार को उसके रिश्तेदार राहुल पांडेय जेल से रिहा होकर आये थे, जिन्होंने पति अनिल की हालत खराब होने की जानकारी दी।

जिस पर वह रविवार को पति से मिलने के लिए जेल पहुंची लेकिन उसे मिलने नहीं दिया और दोपहर करीब तीन बजे पति की मौत की खबर जेल प्रशासन द्वारा दी गई। सोमवार की सुबह जब स्वजन मोर्च्युरी पहुंचे तो पुलिस कर्मियों के द्वारा शव दिखाने से मना कर दिया गया, जिस पर स्वजन आक्रोशित हो गए और उन्होंने जेल के बाहर दोपहर जाम लगा दिया। 

इस दौरान वहां से गुजर रहे सदर विधायक डा मनोज प्रजापति ने स्वजन को समझाकर जाम खुलवाया। इस दौरान करीब पौन घंटे जेल रोड जाम रहा जिसमें कई एंबुलेंस और वाहन फंसे रहे। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे स्वजन ने जब मृतक के शरीर में चोटें देखी तो वह फिर आक्रोशित हो गए और उन्होंने जेल प्रशासन पर पीट.पीटकर हत्या कराने का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया और दोबारा फिर से जेल के सामने महिलाओं ने जाम लगा दिया। 

इतना ही नही महिलाएं जेल परिसर के अंदर भी घुस गईं और वहां हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस कर्मियों ने उन्हें वहां से समझाकर हटाया। सूचना पर फिर दोबारा सदर विधायक डाण्मनोज प्रजापति ने पहुंचकर महिलाओं को समझाया और फोन से जिलाधिकारी से बातचीत कर पैनल में पोस्टमार्टम कराते हुए मामले की न्यायिक जांच कराने की बात कही। 

जिसके बाद स्वजन शांत हुए और पोस्टमार्टम शुरू हो सका। मृतक की पत्नी पूजा ने इस घटना को लेकर थाने में तहरीर भी दी है। जिसमें उसने जेल अधिकारियों के साथ साथ पुलिस कर्मियों व अन्य लोगों को दोषी ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की है। वहीं मुकदमा न लिखे जाने से नाराज स्वजन ने मृतक का शव लेने से इंकार कर दिया है।

घटना को देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इस बीच ब्राह्मण एकता परिषद के राष्ट्रीय संयोजक एवं पूर्व डीआईजी जुगुल किशोर तिवारी बंदी अनिल द्विवेदी की जेल में हुई पिटाई से हुयी मृत्यु की जानकारी लेने चीर घर पहुचे और पुलिस से बातचीत की। 

उन्होने कहा कि जेल में पिटाई केवल पैसो को लेकर की जाती है इसलिये पुलिस को पार्टी नही बनना चाहिये। उन्होने कहा कि पुलिस को चाहिये कि जेल की घटना की रिपोर्ट दर्ज करे जांच में कौन दोषी होगा यह बाद का फैसला है। उन्होने परिवारीजनों को ढाढस बंधाया कि हर हाल में उनकी आर्थिक मदद व कानूनी मदद की जायेगी। 

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