गोरखपुर नीट छात्र हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई, एसएसपी ने पूरी पुलिस चौकी किया सस्पेंड

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Published By Deepak Mishra
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गोरखपुर। यूपी के गोरखपुर में नीट की तैयारी कर रहे 19 वर्षीय युवक दीपक की हत्या के मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद एसएसपी गोरखपुर राज करण नैय्यर ने कड़ा एक्शन लिया है। उन्होंने पिपराइच थाना क्षेत्र की जंगल दूषण चौकी में तैनात सभी पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।

एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश पहुंचे गोरखपुर

गोरखपुर में गो तस्करों के द्वारा युवक की बेरहमी से की गई हत्या के बाद एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश गोरखपुर पहुंचे। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने गोरखपुर में ऑपरेशन गोकशी की कमान संभाली और STF की गोरखपुर यूनिट के साथ गोरखपुर पुलिस की पांच टीम लगाई गईं। इस घटना को अंजाम देने वाले गोकशी गैंग के बदमाशों की धड़पकड़ तेज हुई।

जानें क्या है पूरा मामला?

दरअसल, सोमवारदेर रात करीब 3 बजे कुछ पशु तस्कर तीन गाड़ियों में सवार होकर गांव पहुंचे और वहां बंधे मवेशियों को खोलने लगे। अचानक हुई इस हलचल से ग्रामीणों की नींद टूट गई और वे घरों से बाहर निकल आए। इसी दौरान नीट की तैयारी कर रहा 19 वर्षीय दीपक भी बाहर आया और ग्रामीणों के साथ तस्करों का पीछा करने लगा।

तस्करों से भिड़ंत में गई युवक की जान

भागते समय तस्करों की एक गाड़ी कीचड़ में फंस गई, जिससे ग्रामीणों और तस्करों के बीच आमना-सामना हो गया। दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया। इस दौरान तस्करों ने दीपक को जबरन अपनी गाड़ी में बैठा लिया और वहां से फरार हो गए। कुछ ही घंटों बाद दीपक का शव सरैया गांव के पास पाया गया, जो घटना स्थल से लगभग 4 किलोमीटर दूर था।

छात्र दीपक की मौत से गांव में तनाव

घटना की खबर फैलते ही पूरे गांव में तनाव का माहौल बन गया। लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि दीपक के सिर पर गंभीर चोटें थीं, जो उसकी मौत का कारण बनीं। हालांकि गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई है।

ग्रामीणों में आक्रोश

गांव वालों का कहना है कि पशु तस्करी की घटनाएं काफी समय से हो रही हैं, लेकिन पुलिस ने कभी सख्त कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही के चलते तस्कर बेखौफ होकर अपराध कर रहे हैं। अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो दीपक की जान बच सकती थी।

प्रशासन की सख्त चेतावनी

घटना के बाद एक तस्कर को ग्रामीणों ने पकड़ लिया था, जिसे चोटें आई हैं और उसका इलाज कराया जा रहा है। प्रशासन ने साफ किया है कि इस तरह की घटनाओं को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

गांव वालों की मांग

गांव वाले चाहते हैं कि दीपक की हत्या में शामिल सभी तस्करों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उन्हें कठोर सजा दी जाए। साथ ही, पुलिस व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।यह घटना सिर्फ एक युवक की मौत नहीं, बल्कि पूरे तंत्र की लापरवाही को उजागर करती है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन कितनी जल्दी और कितनी सख्ती से कार्रवाई करता है।

 

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