स्वास्थ्य विभाग में बह रही उल्टी गंगा, जूनियर पर मेहरबानी, वरिष्ठ दरकिनार
पुनीत श्रीवास्तव, अयोध्या, अमृत विचार। जिले के स्वास्थ्य महकमे में उल्टी गंगा बह रही है। यहां नियमों को ताक पर रखकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्राें (सीएचसी) पर अधीक्षक के पदाें पर लेवल वन के चिकित्सकों को जिम्मेदारी सौंप दी गई। वरिष्ठ चिकित्सकों को किनारे लगा दिया गया। यह हाल जिले की नौ सीएचसी का है। बाकी में भी कुछ ठीक नहीं चल रहा है। जिले में अवैध व गैर पंजीकृत अस्पतालों पर कार्रवाई कर सुर्खियों में आए सीएमओ डॉ.सुशील कुमार ने सीएचसी पर ऐसा फेरबदल किया कि अब अंगुलियां उठने लगी हैं।
विभाग के विश्वस्त सूत्रों की मानें तो जिले की 14 सीएचसी में से नौ पर लेवल टू व थ्री के चिकित्सकों की अनदेखी करते हुए लेवन वन के चिकित्सकों को अधीक्षक बना दिया गया। दो सीएचसी में लेवल टू व दो जगहों पर लेवल थ्री के चिकित्सका अधीक्षक हैं। लेवल थ्री के िचिकित्सकों को भी लेवल वन के अधीन काम करना पड़ रहा है। कामख्या धाम के पास स्थित सुनबा सीएचसी में डॉ. मदन बरनवाल (लेवल थ्री) के चिकित्सका अधीक्षक हैं, लेकिन उन्हें मवई के सीएचसी के अंतर्गत कार्य करना पड़ता है। मवई में डॉ. संतोष कुमार सिंह (लेवल वन) अधीक्षक हैं। डॉ. संतोष ही सुनबा सीएचसी का वेतन से लेकर अन्य कार्य देखते हैं। सीएचसी हैदरगंज का भी यही हाल है। यहां डॉ. अवधेश सिंह (लेवल थ्री) के िचिकित्सक हैं। ये सीएचसी तारुन के अधीन कार्य करते हैं, जहां डॉ. अंशुमान गुप्ता (लेवल वन) के चिकित्सका अधीक्षक हैं।
किस लेवल के चिकित्सक कहां बने हैं अधीक्षक
सीएचसी-चिकित्सक-लेवल
मिल्कीपुर-डॉ. आनंद सिन्हा-1
तारुन-डॉ. अंशुमान गुप्ता-1
सोहावल-डॉ. अपर्णा कोहली-1
बीकापुर-डॉ. अंशुमान यादव-1
मया-डॉ. इंद्रजीत वर्मा-1
गोसाईगंज-डॉ. राना रवि-1
हैरिंग्टनगंज-डॉ. रविंद्र शुक्ला-1
पूराबाजार-डॉ. सुनील चौधरी-1
खंडासा-डॉ. आकाश मोहन-1
रुदौली-डॉ. फातिमा-2
मसौधा-डॉ. प्रदीप कुमार-2
नोट-उपरोक्त सीएचसी में लेवल टू व थ्री के चिकित्सक भी मौजूद हैं।
पांचों एफआरयू में आता है लंबा-चौड़ा बजट
जिले की पांच सीएचसी एफआरयू है, जिसे फर्स्ट रेफरल यूनिट कहा जाता है। पांचों एफआरयू बीकापुर, मिल्कीपुर, सोहावल, पूराबाजार व रुदौली में लंबा-चौड़ा बजट आता है। यहां पर सिर्फ रुदौली को छोड़ दिया जाए तो चारों जगह पर लेवल वन केचिकित्सक अधीक्षक के रूप में तैनात किए गए हैं।
शिकायत पत्र में भी हुआ था मामले का जिक्र
हाल ही में सीएमओ डॉ.सुशील कुमार के खिलाफ दो शिकायतें भेजी गई थीं। एक तो गुमनामी थी दूसरी जनौरा के कांग्रेस नेता अश्वनी सिंह ने भेजी थी। दोनों में इस मामले का जिक्र किया गया है।
विशेष सचिव के आदेशों का भी उल्लंघन
27 मई 2016 को विशेष सचिव डॉ.काजल की ओर से जारी शासनादेश के मुताबिक पीएचसी पर वरिष्ठतम में एमबीबीएस व सीएचसी पर अधीक्षक के पद पर लेवल थ्री के ही अधिकारियों की तैनाती की जाए। उपरोक्त निर्देशों का कड़ाई से पालन न किया गया तो मुख्य चिकित्सा अधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।-एडी या सीएमओ
