बदायूं : दुष्कर्म में 20 साल और पाक्सो एक्ट में आजीवन कारावास की सजा
बदायूं, अमृत विचार। दलित किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट दिनेश तिवारी ने दोषी पाया है। दुष्कर्म में दोषी को 20 साल के कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माना और पॉक्सो एक्ट में आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की पूरी धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा ने कोतवाली सिविल लाइन में 31 अगस्त 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई कि 26 अगस्त दोपहर 2 बजे उसकी 12 साल की बेटी मोबाइल लेकर कहीं चली गई है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके बालिका को बरामद किया। पीड़िता ने कोर्ट में बयान दिया कि उसे रामवीर उर्फ सोनू यादव ने फोन करके कचहरी की ओर बुलाया था। उनकी बल्लमपुर में पहचान हुई थी। जहां माता-पिता मंदिर में थे। वह मंदिर में आया और पीड़िता का मोबाइल फोन ले लिया था।
फोन करके कचहरी पर बुलाने के दौरान उसके पास तमंचा था। उसने बालिका को तमंचा दिखाकर कहा कि वह उसके पिता को जान से मार देगा। वह बालिका को बहजोई लेकर गया। जहां उसके रिश्तेदार रहते हैं। वह उसने जबरदस्ती उसकी मांग में सिंदूर भर दिया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
न्यायालय में जिला संभल के थाना बहजोई के गांव बल्लभपुर निवासी सोनू यादव उर्फ रामवीर पुत्र हरचनदी पर दलित बालिका को बहलाकर ले जाने, दुष्कर्म करने का मुकदमा चलाया गया। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन किया। विशेष लोक अभियोजक अमोल जौहरी व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
