मुरादाबाद: मूर्तिकार दिन रात मेहनत कर बना रहे मूर्ति, महंगाई का भी असर
मिट्टी-बांस-लकड़ी की महंगाई के बाद भी मूर्ति लेने के लिए अग्रिम बुकिंग
मुरादाबाद, अमृत विचार: शारदीय नवरात्र में भव्य पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमाएं विराजेंगी। 22 सितंबर से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्र को लेकर इस बार भी उत्साह है। महानगर के कालीबाड़ी, कांशीराम नगर, नवीन नगर, दीनदयाल नगर, रामगंगा विहार, मंडी चौक, सूर्य नगर, कटघर सहित कई क्षेत्रों में भव्य पंडाल सजाए जाएंगे। इन पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमाओं की स्थापना कर नौ दिनों तक भक्ति और श्रद्धा से पूजा अर्चना की जाएगी।
कोलकाता से आए मूर्तिकार मां की मूर्तियों को आकार देने में पूरी तन्मयता से जुटे हैं। कोलकाता के गंगारामपुर निवासी शंकर एक माह से मुरादाबाद में रहकर प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं। इस समय वह कांशीराम नगर स्थित कालीबाड़ी में मां दुर्गा की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में लगे हैं। शंकर बताते हैं कि इस वर्ष अब तक उन्हें आठ मूर्तियों के ऑर्डर मिले हैं, जिनमें 8, 10 और 12 फीट ऊंची प्रतिमाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन दिनों दिन-रात मेहनत कर समय पर मूर्तियां तैयार करनी पड़ती हैं, जिससे आयोजन में कोई बाधा न आए।
हालांकि इस बार मूर्तिकारों के लिए काम करना आसान नहीं है। प्रतिमा निर्माण की लगभग सभी सामग्रियों के दाम बढ़ चुके हैं। शंकर बताते हैं कि पिछले वर्ष चिकनी मिट्टी की एक ठेली 1000 रुपये में मिल जाती थी, जबकि इस बार इसकी कीमत 1200 रुपये तक पहुंच गई है। बांस के दामों में भी इजाफा हुआ है। पहले 12 फीट का बांस 100 रुपये का मिल जाता था, लेकिन अब वही 110 से 115 रुपये में उपलब्ध है। लकड़ी के दाम भी पिछले साल की तुलना में बढ़े हैं। जो लकड़ी पहले 1800 रुपये प्रति क्विंटल थी, इस बार उसकी कीमत 2000 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है।
कोलकाता से आएंगे वस्त्र, जेवर और अन्य श्रृंगार
मूर्तिकार मदन सरकार ने बताया कि प्रतिमाओं का प्रारूप तैयार करने के बाद वह कोलकाता आए हुए हैं। वहां से रंग, वस्त्र, जेवर और अन्य श्रृंगार सामग्री लाकर प्रतिमाओं को अंतिम रूप देंगे। उन्होंने कहा कि दुर्गा प्रतिमा का आकर्षण तभी बढ़ता है जब उसमें रंगों की जीवंतता और श्रृंगार की भव्यता झलकती है। इस कारण हर साल कोलकाता से ही पारंपरिक सामान मंगाया जाता है।
भले ही लागत बड़ी लेकिन काम में कमी नहीं
मूर्तिकारों का कहना है कि भले ही इस बार लागत बढ़ी है, लेकिन श्रद्धा के कारण काम में कमी नहीं आई है। उनका विश्वास है कि मां दुर्गा की कृपा से सभी कठिनाइयां दूर होंगी और नवरात्र का पर्व इस बार भी धूमधाम से मनेगा। वहीं दुर्गा पूजा आयोजन समिति के पदाधिकारी बैठक कर आयोजन को भव्यता देने में जुट गए हैं। कई समितियों के द्वारा इस बार मां की भव्य प्रतिमाओं को भव्य व विशाल पंडाल में स्थापित करने की तैयारी हो रही है।
भव्य पंडालों में विराजेंगी मां दुर्गा
22 सितंबर से शारदीय नवरात्रि को लेकर महानगर में प्रतिमाओं को अंतिम रुप कलाकार दे रहे हैं। कालीबाड़ी, नवीननगर, खुशहालपुर, बुद्धि विहार सहित अन्य स्थानों पर आयोजक तैयारी में लगे हैं। प्रोफेशनल डेकोरेटर के माध्यम से पंडाल की साज सज्जा कराई जाएगी। पंडाल स्थापित करने वाले जगहों पर सड़कों की मरम्मत, पथ प्रकाश आदि के लिए भी आयोजकों ने जिला प्रशासन व संबंधित विभागों के अधिकारियों से मांग की है।
