आंदोलन की चेतावनी...TET अनिवार्यता पर शिक्षकों में उबाल, PM और शिक्षा मंत्री को भेजा ज्ञापन 

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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सुलतानपुर, अमृत विचारः सर्वाेच्च न्यायालय के आदेश से सेवा में बने रहने और पदोन्नति पाने के लिए टीईटी अनिवार्य किए जाने के विरोध में शुक्रवार को जिले के शिक्षकों ने तिकोनिया पार्क में एकत्र होकर अपनी आवाज बुलंद की। अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के नेतृत्व में सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं जुटे और जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री व केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट प्रीती जैन ने लिया।

ज्ञापन में कहा गया कि आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को इस अनिवार्यता से मुक्त किया जाए। न्यायालय के 1 सितम्बर के आदेश ने लाखों सेवारत शिक्षकों को असुरक्षा में डाल दिया है। आदेश के अनुसार जिन शिक्षकों की सेवा अवधि पांच वर्ष से अधिक है, उन्हें दो वर्ष में टीईटी पास करना होगा, अन्यथा सेवा छोड़ने या अनिवार्य सेवानिवृत्ति का सामना करना पड़ेगा। 

वहीं पांच वर्ष से कम शेष सेवा वाले शिक्षक सेवा में तो रहेंगे, लेकिन पदोन्नति से वंचित हो जाएंगे। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि यह फैसला न केवल असंवैधानिक है बल्कि प्राकृतिक न्याय के भी विरुद्ध है। जिलाध्यक्ष दिनेश उपाध्याय ने कहा कि दशकों से बच्चों का भविष्य संवार रहे शिक्षकों को अचानक पात्रता परीक्षा की कसौटी पर कसना उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाना है। जिला मंत्री राम आशीष मौर्य ने कहा कि आज वही शिक्षक असुरक्षा में हैं, जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी शिक्षा के मंदिर को समर्पित कर दी।

आंदोलन की रणनीति

शिक्षक नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आगामी चरण में तहसील और जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन किए जाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर राजधानी लखनऊ में बड़े पैमाने पर रैली भी निकाली जाएगी। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि यह लड़ाई शिक्षकों के सम्मान और भविष्य की है, इसलिए हर स्तर पर इसे मजबूती से लड़ा जाएगा।

ये रहे मौजूद 

इस अवसर पर प्रदेश व जिला स्तर के अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र पांडेय, प्रदेश उपाध्यक्ष मालती सिंह, जूनियर शिक्षक संघ अध्यक्ष देवेंद्र त्रिपाठी, महामंत्री कलहु पाल, कोषाध्यक्ष विनय प्रजापति, उपाध्यक्ष राजीव मिश्र, मुकेश सिंह, संरक्षक राजेंद्र कुमार सिंह, उपाध्यक्ष रमेश तिवारी, जिला प्रवक्ता धर्मेंद्र त्रिपाठी, दीपेंद्र सिंह, अरुण सिंह, लंभुआ अध्यक्ष रणवीर सिंह, जिला मीडिया प्रभारी चन्द्रपाल, रामचंद्र राजभर, संगठन मंत्री इंद्रेश यादव, अटेवा के वरिष्ठ उपाध्याय सुरेंद्र मौर्य, मनोज प्रभाकर सिंह, वैभव भटनागर, मुनेंद्र मिश्र, ज्योति सिंह, संध्या श्रीवास्तव नविता पांडेय, नम्रता सिंह, अनामिका सिंह, सीमा पाल, स्वाति सिंह समेत सैकड़ों शिक्षक शामिल रहे। 

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