बदायूं : चार साल की बच्ची से परिषदीय विद्यालय परिसर में दुष्कर्म

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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विद्यालय का अवकाश होने पर जा रहे थे बच्चे तो बच्ची को खींचकर भीतर ले गया आरोपी

आसफपुर/ओरछी, अमृत विचार: आसफपुर चौकी की लापरवाही का खामियाजा थाने पर पुलिस को भुगतना पड़ा। चार साल की बच्ची को टॉफी का लालच देकर प्राथमिक विद्यालय परिसर ले जाकर दुष्कर्म की शिकायत पर चौकी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो लोग थाने पहुंचे और हंगामा किया। पुलिस ने जैसे-तैसे लोगों का समझाया। सीओ बिसौली सुनील कुमार सिंह के पहुंचने के बाद पीड़िता के चाचा की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। परिजनों और हिंदू संगठनों का कहना है कि आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया तो आंदोलन किया जाएगा।

मामला थाना फैजगंज बेहटा की पुलिस चौकी आसफपुर क्षेत्र के एक गांव का है। गांव निवासी चार साल की बच्ची गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक में पढ़ती है। सोमवार को विद्यालय का अवकाश हो गया। बच्चे घर जा रहे थे। इसी दौरान गांव का लड़का विद्यालय परिसर में आया और बच्ची को खींचकर विद्यालय परिसर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। उस दौरान प्रधानाध्यापक ब्लॉक संसाधन केंद्र पर गए थे जबकि एक शिक्षक मोहम्मद सलीम विद्यालय में ही मौजूद थे। आरोप है कि शिक्षक ने आरोपी को भगाने में सहयोग किया। जिसके चलते बच्ची आरोपी को नहीं पहचान सकी। बच्ची घर पहुंची। उसे रक्तस्त्राव हो रहा था। उसने परिजनों को घटना के बारे में बताया।

परिजन बच्ची को लेकर आसफपुर चौकी पहुंचे। जहां चौकी प्रभारी ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की और परिजनों को फटकारकर भगा दिया। आरोप है कि पुलिस ने तहरीर बदलवाने का प्रयास किया। चौकी पुलिस के कार्रवाई न करने पर परिजनों ने विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के स्थानीय पदाधिकारियों को मामले से अवगत कराया। हिंदू संगठनों के पदाधिकारी पीड़ित परिवार को लेकर थाने गए और हंगामा किया। चौकी इंचार्ज को निलंबित करने की मांग की। थानाध्यक्ष रामेंद्र सिंह ने समझाने पर लोग मान गए। मामले में रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।

आसफपुर चौकी प्रभारी पर उठते रहे हैं सवाल
लोगों का कहना है कि आसफपुर पुलिस चौकी के प्रभारी पर शुरू से ही सवाल उठते रहते हैं। पिछले छह महीने की बात की जाए तो कई चोरियां हुई हैं। क्षेत्र में जुआ के अड्डे संचालित होने का वीडियो भी वायरल हुए हैं। अब बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले को भी चौकी प्रभारी ने गंभीर नहीं माना और फटकार लगाकर भगा दिया। अधिकारियों को सूचित करना भी मुनासिब नहीं समझा। आरोप है कि चौकी प्रभारी ने मामला दबाने का प्रयास किया।

ड्रामा कहने को लेकर बिगड़ा मामला
हिंदू संगठनों के पदाधिकारी शिकायत लेकर थाने पहुंचे तो किसी पुलिसकर्मी ने कह दिया कि यह क्या ड्रामा मचा रखा है। जिसके चलते मामला बिगड़ गया। पदाधिकारियों ने जमकर हंगामा किया। पुलिसकर्मी समझाते रहे लेकिन गुस्साए पदाधिकारी किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थे। कहा कि पुलिस को लोगों का थाने आना ड्रामा लगता है क्या। इसी बीच पुलिस ने कहा कि इस प्रकार से दवाब बना रहे तो ड्रामा ही है न। परिजन तहरीर देंगे तभी तो रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। जिसके बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की।

मामला संज्ञान में आया है। पुलिस मामले की जांच करेगी। विद्यालय के शिक्षक की भूमिका को लेकर भी विभागीय जांच कराई जाएगी। जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। - वीरेंद्र कुमार सिंह, बीएसए।

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