कानपुर: प्लाट पर कब्जा कर रंगदारी मांगी, लायर्स के पूर्व संयुक्त मंत्री समेत आठ पर रिपोर्ट
The case was registered after investigating a complaint made on the IGRs portal. Send feedback
कानपुर, अमृत विचार। नौबस्ता में प्लाट मालिक ने लायर्स एसोसिएशन के पूर्व संयुक्त मंत्री समेत आठ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप लगाया कि फर्जी दस्तावेज से उनके प्लाट पर कब्जा किया गया। बाद में कब्जा छोड़ने के नाम 10 लाख रुपये रंगदारी मांगी। प्लाट मालिक ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की थी। जांच के बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है।
नौबस्ता के राजीवनगर निवासी विश्वनाथ जायसवाल के अनुसार 2009 में आराजी संख्या 1141 में 167.2 वर्गमीटर प्लाट खरीदा था। प्लाट के चारों तरफ दस फिट बाउंड्री व गेट भी लगा था। 2016 में आरोपी ने फर्जीवाड़ा कर आरजी संख्या 1123, जो चारागाह में दर्ज है।
यह छिपाते हुए इलाहाबाद के नैनी एडीएन कालोनी निवासी पवन बाजपेई और परवीन बाजपेई ने यशोदानगर के मोनू सिंह और बर्रा-दो के अंकित अग्रवाल के नाम रजिस्ट्री कर दी। रजिस्ट्री के लिए अधिवक्ता वीके अवस्थी ने फर्जी दस्तावेज तैयार किए। यशोदानगर के विकास तिवारी और फतेहपुर गोहरारी के संदीप कुमार गवाह है। इसके बाद आरोपियों ने उसी दस्तावेज के सहारे उनके प्लाट पर कब्जा कर लिया।
विरोध पर कब्जा छोड़ने के लिए 10 लाख मांगे। मामले में लायर्स के पूर्व संयुक्त मंत्री हिमांशु दीक्षित का संरक्षण होने से धमकी दी गई। इस पर उन्होंने शिकायत की। नौबस्ता थाना प्रभारी बहादुर सिंह ने बताया कि शिकायत की जांच के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी होगी।
