Bareilly : शिक्षिका से अभद्रता और धमकी देने वाले छात्र का प्रवेश प्रतिबंधित
बरेली, अमृत विचार। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में विधि विभाग की शिक्षिका ने शुक्रवार को कुलपति के समिति कार्यालय के बाहर धमकी देने वाले छात्र पर कार्रवाई न होने पर विरोध जताया। कुलपति ने शिक्षिका की शिकायत सुनकर तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया। इस मामले में शिक्षिका की पूर्व शिकायत पर जांच समिति की रिपोर्ट पर चीफ प्रॉक्टर प्रो. रविंद्र कुमार ने छात्र का विश्वविद्यालय परिसर से जांच पूरी होने तक प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया है।
चीफ प्रॉक्टर के मुताबिक विधि विभाग की शिक्षिका ने 18 अगस्त को शिकायत की थी कि एलएलएम द्वितीय सेमेस्टर के छात्र पवन ने व्हाट्सएप पर धमकी भरे मेसेज भेजे। उसने 2 सितंबर को तीन अज्ञात लोगों के साथ एक एंबुलेंस से उनके विश्वविद्यालय परिसर में बने आवास पर आकर नशे में गाली गलौज की। यह एंबुलेंस विधि विभाग के सामने भी देखी गई थी। इस कारण वह काफी परेशान हैं। उसने कई बार रास्ता भी रोककर धमकी दी।
उनकी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए छात्र को निलंबित कर प्रो. यतेंद्र कुमार, प्रो. रविंद्र कुमार और डॉ. रामबाबू की जांच समिति बनाई गई थी। समिति ने छात्र की ओर से शिक्षिका के साथ की गई अभद्रता को गंभीर अनुशासनहीनता माना है और कड़ी कार्रवाई करने की संस्तुति की। शिक्षिका ने कुलपति प्रो. केपी सिंह को बताया कि छात्र ने दोबारा अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर उनके साथ अभद्रता की। इससे वह काफी डरी हुई हैं।
शिक्षिका की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए छात्र को निलंबित कर महिला ग्रीवांस सेल की प्रो. संतोष अरोड़ा, डीएसडब्ल्यू प्रो. पीबी सिंह और चीफ प्रॉक्टर प्रो. रविंद्र कुमार की तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति बनाई गई है और जांच पूरी होने तक छात्र का तत्काल प्रभाव से विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित किया गया। बता दें कि छात्र ने कुछ दिनों पहले शिक्षिका पर आरोप लगाते हुए कई जगह शिकायत की है, जिसकी जांच चल रही है।
