प्लासियो मॉल मारपीट मामला : बाउंसर व गार्डों को बचाने में जुटी पुलिस, मामूली धारा में दर्ज की रिपोर्ट

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Edited By Amrit Vichar
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जेल गए आरोपी के पिता ने तीन गार्डो का नाम लिखकर दी तहरीर, पुलिस ने धमकाकर भगाया

लखनऊ/गोसाईंगंज, अमृत विचार। प्लासियो मॉल में टॉनिक बार में बाउंसरों से उपजे के विवाद के बाद पार्किंग में महिला डॉक्टर, उनके मंगेतर और दो दोस्तों लोगों की बर्बरता से पिटाई के मामले में सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस अभी तक आरोपी बाउंसरों व गार्डो को नहीं पकड़ सकी है। पुलिस ने मामले में मामूली धारा में रिपोर्ट दर्ज कर खानापूर्ति कर ली।

रविवार को डॉक्टर के मंगेतर के पिता ने तीन नामजद और करीब एक दर्जन अज्ञात पर जानलेवा हमला, छेड़छाड़ के आरोप की तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने धमकाकर भगा दिया। सवाल यह है कि घटना के दौरान पुलिस पहुंच गयी तो आरोपी बाउंसरों और गार्डों को उस समय क्यों नहीं गिरफ्तार किया। जबकि महिला डॉक्टर, मंगेतर और दो साथियों को पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए मौके से ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

गोमतीनगर निवासी डीफार्मा छात्र हर्ष मिश्रा, सुशांत गोल्फ सिटी निवासी शराब व्यापारी प्रिंस वर्मा, खलीलाबाद निवासी रोहित पटेल और सुशांत गोल्फ सिटी निवासी महिला डॉक्टर शुक्रवार रात को स्विफ्ट कार से प्लासियो मॉल स्थित टॉनिक क्लब में आए थे। रात अधिक होने पर बार के बाउंसरों ने चारों को बाहर निकलने के लिए कहा। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया था। इसके बाद मॉल की पार्किंग में भी दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक हो गई थी। हर्ष ने रोहित की पिस्टल से कई राउंड फायरिंग कर दी। फायरिंग में बाउंसर पुरुषोतम व एक अन्य को गोली लगी थी।

जिसके बाद बाउंसरों और गार्डों कार रोककर तीन युवकों और महिला डॉक्टर को बंधक बना लिया था। 4 मिनट 39 सेकेंड तक चारों को बर्बरता से डंडे व लात-घूंसों से पीटा गया। महिला डॉक्टर से अभद्रता की थी। यही नहीं पुलिसकर्मी के सामने भी दो मिनट तक चारों को पीटा गया था। पुलिस ने फायरिंग व बवाल करने के आरोप में हर्ष, प्रिंस, रोहित और महिला डॉक्टर को गिरफ्तार कर रिपोर्ट दर्ज की थी।

शनिवार को मॉल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज वायरल होने के बाद डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल ने कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद भी मॉल के बाउंसरों और गार्डों के खिलाफ हल्की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गयी। डीसीपी का कहना है कि बाउंसरों और गार्डों की शिनाख्त सीसीटीवी कैमरों की मदद से की जा रही है।

वहीं, जेल गए आरोपी प्रिंस के पिता राकेश का कहना है कि वह बाउंसरों और गार्डों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराना चाहते थे। उनका आरोप है कि पुलिस ने उन्हें शांत रहने के लिए धमकाया। उन्होंने तहरीर में तीन बाउंसर व गार्ड का नाम भी लिखकर दिया। इसके बाद भी उनकी कोई सुनवायी नहीं हुई। आरोप है कि पुलिस आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है।

गेट पर पुलिस बूथ, रात में नदारद रहती है पुलिस

प्लासियो स्थित पुलिस बूथ पर रात्रि के वक्त पुलिस नदारद रहती हैं। सूत्रों का कहना है कि टॉनिक बार में पहले भी कई बार विवाद की घटनाएं हुई हैं।स्थानीय लोगों की मानें तो रात दस बजे के बाद पुलिस बूथ पर कोई पुलिस कर्मी नहीं रहता है।

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