घर-घर विराजी माता...मंदिरों में लगा भक्तों का तांता, नवरात्र के पहले दिन सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
अयोध्या, अमृत विचार। भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या में शारदीय नवरात्र का शुभारंभ मां दुर्गा की भक्ति और उत्साह के साथ हुआ। प्रथम दिन सुबह से ही अयोध्या के शक्तिपीठों और मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। बड़ी देवकाली, मां शीतला माता मंदिर, मरी माता मंदिर, छोटी देवकाली मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों में श्रद्धालु कतारबद्ध होकर मां भगवती के दर्शन-पूजन में लीन रहे। भक्तों ने न केवल अपनी मनोकामनाओं की सिद्धि के लिए प्रार्थना की, बल्कि देश और समाज के कल्याण की कामना भी मां के चरणों में अर्पित की।
देर शाम तक मंदिरों में भक्ति का यह सिलसिला अनवरत जारी रहा और मां दुर्गा के जयकारों से रामनगरी गूंज उठी। इस पवित्र अवसर पर अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता और भी उभरकर सामने आई। मंदिरों को फूलों, रंगोली और दीपों से सजाया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। मंदिर परिसरों में सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि भक्त बिना किसी व्यवधान के मां के दर्शन कर सकें। पुलिस और प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था की थी, जिससे श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।
मंदिरों में भक्तों की भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त काउंटर और प्रवेश द्वार भी बनाए गए थे। घरों में भी नवरात्र की धूम देखने को मिली। अनेक भक्तों ने अपने घरों में कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा की पूजा-अर्चना शुरू की। अ सुमन तिवारी ने बताया कि हमने परिवार के साथ घर में कलश स्थापना की और फिर मां बड़ी देवकाली के दर्शन के लिए आए। मां की कृपा से जीवन में सुख-शांति की कामना करते हैं। श्रद्धा गुप्ता ने कहा कि हम नौ दिन का व्रत रखते हैं और रोज मां की पूजा-अर्चना करते हैं। पहले दिन मंदिर में दर्शन कर मन को शांति मिली। भक्तों की ऐसी श्रद्धा और उत्साह ने अयोध्या को भक्ति के रंग में रंग दिया।
फूलों से सजाया गया रामलला का मंदिर
राम जन्मभूमि परिसर में भी नवरात्रि का विशेष आयोजन शुरू हुआ। परिसर में विराजमान रामलला के मंदिर को फूलों और रंग-बिरंगी सजावट से आकर्षक बनाया गया। परकोटा स्थित मां दुर्गा मंदिर में प्रातः पांच बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश स्थापना की गई। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने बताया कि नवरात्रि के प्रथम दिन से शुरू हुआ यह अनुष्ठान दशहरा तक चलेगा। वैदिक आचार्यों द्वारा दुर्गा सप्तसती का पाठ शुरू किया गया और पहले दिन वेदी पूजन के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि यह अनुष्ठान मां भगवती की कृपा और भगवान राम की जन्मभूमि की पवित्रता को और बढ़ाता है। मंदिर में प्रतिदिन पूजन, आरती और हवन के आयोजन होंगे, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।
कई जगह पंडालों में विराजमान हुईं माता
अयोध्या के मठ-मंदिरों में भी नवरात्केर साथ उत्सवी माहौल शुरू हो गया है। कहीं धार्मिक अनुष्ठान हो रहे हैं, तो कहीं मां दुर्गा की प्रतिमाओं की स्थापना की जा रही है। जनपद में 2100 से अधिक पूजा पंडाल सज-धजकर तैयार हो चुके हैं। कई पंडालों में माता रानी की भव्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जबकि पंचमी तक अन्य पंडालों में भी प्रतिमाएं विराजमान होंगी। इन पंडालों को रंग-बिरंगे फूलों, लाइटों और थीम आधारित सजावट से आकर्षक बनाया गया है। सुरक्षा के लिहाज से सभी पंडालों में पुलिस और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है, ताकि भक्त सुरक्षित रूप से दर्शन कर सकें।
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