कानपुर: सवा सौ करोड़ की जमीन से 41 साल बाद हटा कब्जा, 5 बुलडोजरों ने बाउंड्री तोड़कर घुसे अंदर, अखिलेश के सताए लोगों ने मनाई खुशी

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, अमृत विचार। साकेतनगर स्थित जवाहर विद्या समिति की जमीन पर अखिलेश दुबे के सिंडिकेट के कब्जे से मंगलवार को आखिरकार केडीए ने मुक्त करा दिया। पार्क के चारों किनारे से पांच बुलडोजरों ने बाउंड्री तोड़ी और अंदर घुसे। एक घंटे तक चले कब्जा ध्वस्तीकरण अभियान में बाउंड्री, पार्क के अंदर फुटपाथ, पेड़ गिराए गए। भारी फोर्स मौजूद रही।

अभियान की खिलाफत के लिए कुछ महिलाएं सामने आईं, जिन्हें पुलिस समझाकर शांत कराया। करीब सवा सौ करोड़ की संपत्ति से 41 साल बाद कब्जा हट सका। अखिलेश के सताए लोगों ने खुशी भी मनाई। किदवईनगर के साकेतनगर स्थित भूखंड संख्या 70 में स्कूल के लिए केडीए ने जमीन जवाहर विद्या समिति को दी थी। जिस पर बाद में अधिवक्ता अखिलेश दुबे व उनके सिंडिकेट ने पार्क का रूप देकर कब्जा कर लिया था।

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इसके बाद से समिति ने कोर्ट से जमीन वापस पाने के लिए लड़ाई शुरू की। बीते साल सुप्रीम कोर्ट ने केडीए को जमीन कब्जे से मुक्त कराकर आवंटी को दिलाने का निर्देश दिया, लेकिन महिलाएं बुलडोजर के आगे खड़ी हो गईं तो भारी विरोध देखकर केडीए टीम व फोर्स को लौटना पड़ा था।

एक साल बाद अखिलेश के जेल जाने पर अधिकारी हरकत में आए और मंगलवार को केडीए ओएसडी सत शुक्ला अपनी टीम, किदवईनगर सहित छह थानों का फोर्स, दो प्लाटून पीएसी, पांच बुलडोजरों कब्जा हटाने मौके पर पहुंचे। दोपहर दो पार्क की बाउंड्री पर बुलडोजर गरजा।

इसके बाद पार्क में घुसकर बेंच, फुटपाथ तोड़े। देखते ही देखते टीम ने एक घंटे में जमीन को कब्जा मुक्त करा दिया। किदवईनगर थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार राम ने बताया कि केडीए की मांग पर फोर्स उपलब्ध कराई गई थी। जमीन कब्जामुक्त करा दी गई है। 

बाबा से पंगा ले लिया 

अखिलेश दुबे से पीड़ित रहीं प्रज्ञा त्रिवेदी ने कहा कि बहुत अति की थी। बहुतों को सताया। कब्जा किया रंगदारी मांगी। अब बुलडोजर बाबा से पंगा ले लिया था। पेड़ लगाना अच्छी बात है, लेकिन यह लोग पेड़ के बहाने जमीन पर कब्जा करने के लिए पेड़ लगाते थे। इसलिए गरजा बाबा बुलडोजर। 

योगी सरकार में मिला न्याय 

अधिवक्ता आशीष शुक्ला ने कहा कि अखिलेश दुबे ने कई कोर्ट में वाद दायर किया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मुझे कब्जा दिलाने का निर्देश हुआ, लेकिन अखिलेश और उनके गुर्गों की वजह से वह भी सफल नहीं हो पाया। लंबे इंतजार के बाद मुडे योगी सरकार में न्याय मिला।

भूखंड 70 का यह था मामला 

साकेतनगर स्थित भूखंड संख्या-70 में स्कूल बनाने के लिए केडीए ने जमीन जवाहर विद्या समिति को सौंपी। जिस पर अखिलेश दुबे व उसके लोगों ने कब्जा कर पार्क का रूप दिया। 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने जमीन कब्जामुक्त कराकर आवंटी को सौंपने का निर्देश दिया था। लेकिन विरोध के कारण टीम लौट गई। अखिलेश दुबे के जेल जाने के बाद अब कब्जा ध्वस्त हो सका। 

महिलाएं बोलीं, बरगद छोड़ दो पूजा की है

जब बुलडोजर बाउड्री गिराकर अंदर बेंच, चबूतरे बेंच गिराने लगा ति जवाहर विद्या समिति के प्रबंधक आशीष शुक्ला उर्फ आशू ने बुलडोजर चालकों से कहा कि पेड़ों को ढ़हाने के लिए एनजीटी को 11 लाख 80 हजार रुपये दिए हैं। इसके बाद बुलडोजर हरे पेड़ों को गिराने लगे। बुलडोजर पीपल, बरगद के चबूतरे तोड़ने के लिए आगे बढ़े तो कुछ महिलाएं बोलीं बरगद तो छोड़ दो। हमने पूजा है। इस पर कई पेड़ गिराए गए लेकिन पीपल व बरगद छोड़ दिया। 

अखिलेश के सताए आपस में गले मिले 

कब्जा मुक्त अभियान शुरु होने से पहले ही पार्क में अधिवक्ता अखिलेश के सताए लोग पहुंच गए थे। आशीष शुक्ला के आलावा प्रज्ञा त्रिवेदी, सौरभ भदौरिया, पूर्व विधायक भूधर नारायण मिश्र आदि लोग थे। जैसे ही पार्क में बुलडोजर गरजे, लोग आपस में गले मिले। बोले, पहला किला ढहा, अब आगे की बारी है।

क्या बोले केडीए वीसी

यह कार्रवाही सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हुई है। कब्जे खाली कराकर जवाहर विद्याा मंदिर समीति को सौंप दिया गया... मदन सिंह गर्ब्याल, केडीए वीसी।

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