75 नए उत्पादों को जीआई टैग कराने जा रहा यूपी, मुख्यमंत्री ने किया ऐलान
यूपीआईटीएस में सीएम ने गिनाई यूपी की औद्योगिक प्रगति और रोजगार के अवसर
लखनऊ/ग्रेटर नोएडा, अमृत विचार : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के तृतीय संस्करण के उद्घाटन अवसर पर बड़ा ऐलान किया कि प्रदेश के 75 नए उत्पादों को जल्द ही जीआई टैग के लिए आवेदन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 77 जीआई टैग उत्पादों के साथ उत्तर प्रदेश पहले ही देश का टॉप जीआई कैपिटल बन चुका है। अब 75 और उत्पाद जुड़ने से राज्य की पहचान वैश्विक बाजार में और मजबूत होगी।
सीएम योगी ने फिरोजाबाद के शिल्पियों द्वारा बनाई गई मां दुर्गा की प्रतिमा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट की और कार्यक्रम में शामिल 532 से अधिक विदेशी खरीदारों व पार्टनर कंट्री रूस का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यूपीआईटीएस प्रदेश की औद्योगिक प्रगति और ‘नए भारत के नए यूपी’ की पहचान को और मजबूत बना रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में धरोहर और विरासत को जीआई टैग के माध्यम से संरक्षित करने का कार्य किया जा रहा है। इस बार के आयोजन में 60 से अधिक जीआई टैग उत्पादों के स्टॉल लगाए गए हैं। साथ ही स्टार्टअप, ओडीओपी, उभरते एक्सपोर्टर्स, महिला उद्यमियों, हस्तशिल्पियों, आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि व खाद्य प्रसंस्करण समेत कई क्षेत्रों की उपलब्धियां प्रदर्शित की गई हैं।
योगी ने कहा कि फरवरी 2023 में आयोजित यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से राज्य को 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इनमें से 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं और कई उद्यमों में उत्पादन भी शुरू हो गया है। नवंबर में 5 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों का ग्राउंड ब्रेकिंग होने जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यूपी में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं, जिनसे दो करोड़ से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। कृषि के बाद यह राज्य में सबसे बड़ा रोजगार सृजन केंद्र बना है। उन्होंने कहा कि निजी औद्योगिक पार्कों और 11 प्लग एंड प्ले पार्कों की स्थापना से निवेश और रोजगार की संभावनाएं और बढ़ी हैं।
योगी ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर हर जिले में 100 एकड़ के औद्योगिक एवं रोजगार जोन विकसित किए जाएंगे। इसमें एमएसएमई, स्किल डेवलपमेंट, खादी-ग्रामोद्योग और श्रम-सेवायोजन विभाग के दफ्तर भी होंगे, ताकि युवाओं को एक ही जगह स्वरोजगार व नौकरी से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
इस अवसर पर मंत्री राकेश सचान, नंदगोपाल गुप्ता नंदी, स्वतंत्रदेव सिंह, धर्मपाल सिंह, बेबीरानी मौर्या, एके शर्मा, डॉ. संजय निषाद, दयाशंकर सिंह, कपिलदेव अग्रवाल, असीम अरुण, ब्रजेश सिंह, सांसद महेश शर्मा, सुरेंद्र नागर आदि उपस्थित रहे।
यूपी आईटी व इलेक्ट्रॉनिक्स का ग्लोबल हब
सीएम ने बताया कि यूपी आज आईटी, सेमी कंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफेक्चरिंग का ग्लोबल हब बन रहा है। देश की मोबाइल फोन मैन्यूफैक्चरिंग का 55 प्रतिशत तथा मोबाइल कंपोनेंट मैन्यूफैक्चरिंग में 50 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी यूपी की है। सेमी कंडक्टर में देश-विदेश की अग्रणी कंपनियां यूपी में निवेश कर रही हैं। इस क्षेत्र के महत्व को देखते हुए प्रदेश सरकार ने आईटी क्षेत्र को भी इंडस्ट्री का दर्जा प्रदान किया है।
चार दिन में ही मार्केट में आई नई जीवंतता
सीएम योगी ने कहा कि जुलाई 2017 में लागू वन नेशन-वन टैक्स अब नए सुधारों के बाद दो स्लैब में दिखेगा। इससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। पिछले चार दिनों के अंदर मार्केट में नई जीवंतता आई है। उपभोक्ता का बाजार की तरफ तेजी से रुख हुआ है। गरीब, श्रमिक, व्यापारी, किसान हर तबके को जीवनदान मिला है।
यह भी पढ़ेंः विदेशियों में छाया हुनरमंद यूपी, कारीगरी का अनूठा जलवा, लखनऊ से लेकर बरेली तक इन उत्पाद ने मनमोहा
