इंटरनेट ऑफ थिंग्स बना रहा नई दुनिया
- स्मार्ट तकनीक जीवन के हर पहलू को तेजी से कर रही प्रभावित
- मोबाइल और कंप्यूटर से निकलकर इंटरनेट पहुंच रहा डिवाइस में
- भविष्य को मिल रहा नया आकार, हजारों उपकरण जुड़ेंगे एक नेटवर्क से
तेजी से बदलती दुनिया में इंटरनेट ऑफ थिंग्स एक ऐसे गेम चेंजर के रूप में सामने आ रहा है, जो हमारे रोजमर्रा के जीवन को बदलने के साथ भविष्य में एक स्मार्ट, कुशल और वेल कनेक्टेड समाज की राह तैयार कर रहा है। टेक्नोलॉजी के इस विकास में कई गैजेट्स को नेटवर्किंग के जरिए एक साथ जोड़ा जाता है। इससे सभी गैजेट्स एक दूसरे को डाटा ट्रांसफर करके इंटीग्रेटेड रहते हैं।
इंटरनेट ऑफ थिंग्स ने स्मार्ट घरों से लेकर मरीजों को सशक्त बनाने वाली स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों और सुरक्षित परिवहन से लेकर औद्योगिक उत्पादकता लाभ तक लगभग सभी क्षेत्रों में क्रांति जैसी कर दी है। स्मार्ट रिटेल, स्मार्ट बैंकिंग, स्मार्ट कृषि, स्मार्ट होम, स्मार्ट सिटी या यूं कहें कि हर कहीं जहां भी स्मार्ट शब्द जुड़ता है, उसका मतलब इंटरनेट ऑफ थिंग्स एप्लिकेशन से है। इसमें स्मार्ट शहरों और कारों से लेकर स्मार्ट स्टेथोस्कोप और कुत्तों के कॉलर तक शामिल हैं।
इंटरनेट ऑफ थिंग्स के उदाहरणों में स्मार्ट होम डिवाइस जैसे स्मार्ट थर्मोस्टैट, स्मार्ट रेफ्रिजरेटर, स्मार्ट लाइटें, स्मार्ट हेल्थकेयर गैजेट (फिटनेस ट्रैकर, कनेक्टेड एमआरआई मशीनें), स्मार्ट कृषि उपकरण, कनेक्टेड कारें और स्मार्ट सिटी इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं, जिनमें तकनीकी उपकरण इंटरनेट से जुड़कर डेटा का आदान-प्रदान और आपस में संवाद करके हमारे जीवन को अधिक बेहतर व सुविधाजनक बना सकते हैं। इंटरनेट ऑफ थिंग्स डिवाइसेज, जैसे स्मार्ट सेंसर, प्रॉपर्टी मैनेजमेंट तक में उपयोग हो रहे हैं।
ये सेंसर ऊर्जा खपत, सुरक्षा और रखरखाव की निगरानी करते हैं। इसकी मदद से स्मार्ट होम सिस्टम्स खरीदारों को घर की लाइटिंग, तापमान और सुरक्षा को मोबाइल ऐप से नियंत्रित करने की सुविधा देते हैं। इसे इस तरह समझ सकते हैं कि अगर कभी आप बिना टीवी और दरवाजे बंद किए घर से बाहर निकल जाते हैं तो स्मार्ट घर का कम्बाइंड आर्टिफिशियल ब्रेन इस बात को सेंस कर लेगा और घर के दरवाजे तथा टीवी को बंद कर देगा।
इस बात की जानकारी आपके फोन पर भी आ जाएगी। इसी तरह आज आप अपने स्मार्ट फोन से रसोई के उपकरणों, हीटिंग और लाइटिंग, सुरक्षा व्यवस्था, गर्म और ठंडे पानी नल जैसी बहुत सारी चीजों की निगरानी और नियंत्रण कर सकते हैं। अगर आपके उपकरण एप्पल होम या अमेजन होम कनेक्ट से जुड़े हैं, तो आप एलेक्सा या सीसी का इस्तेमाल करके उन्हें अपनी आवाज से भी नियंत्रित कर सकते हैं। इस प्रक्रिया में सेंसरों से प्राप्त रीडिंग और अलार्म घर में लगे कंट्रोलर तक आते हैं, फिर इंटरनेट या बैटरी चालित सेलुलर कम्युनिकेटर के माध्यम से क्लाउड तक पहुंचते हैं। क्लाउड आपको घर में किसी भी अप्रिय गतिविधि की फोन या कंप्यूटर ऐप के जरिए सूचित कर देता है।
ऐप की मदद से कैमरों की जांच करके आप पता लगा सकते हैं कि घर में क्या और कहां हो रहा है। इसी तरह स्मार्ट रेफ्रिजरेटर में कई ऐसी सुविधाएं होती हैं, जिन्हें आप स्मार्ट फोन ऐप से नियंत्रित कर सकते हैं। ऐसी सुविधाओं में फ्रिज में लगे कैमरे भी होते हैं, जिनसे आप अंदर मौजूद चीजों पर नजर रख सकते हैं और एक टचस्क्रीन भी है, जिस पर आप रेसिपी देख सकते हैं या खरीदारी की सूची बना सकते हैं।
इंटरनेट ऑफ थिंग्स में कई स्मार्ट कंप्यूटर जैसे उपकरण आज बहुत आम हैं, जो इंटरनेट से जुड़ सकते हैं या वायरलेस नेटवर्क के माध्यम से परस्पर क्रिया कर सकते हैं। इनमें फोन, उपकरण, थर्मोस्टेट, प्रकाश व्यवस्था, सिंचाई प्रणालियां, सुरक्षा कैमरे, वाहन, यहां तक कि जानवर और शहर तक शामिल हैं। आज स्मार्ट घड़ियां व्यायाम और कदमों पर नजर रखती हैं, स्मार्ट स्पीकर खरीदारी की सूची में आइटम जोड़ते हैं और लाइटें चालू और बंद करते हैं। ट्रांसपोंडर कारों को टोल बूथ से गुजरने और इलेक्ट्रॉनिक रूप से शुल्क का भुगतान करने की अनुमति देते हैं।
27 अरब तक पहुंच जाएगी इस साल के अंत तक कनेक्टेड डिवाइसों की संख्या
इंटरनेट ऑफ थिंग्स के कुछ उदाहरण
- कनेक्टेड कारें
- स्मार्ट उपकरण
- कनेक्टेड सुरक्षा प्रणाली
- स्मार्ट कृषि उपकरण
- कनेक्टेड रिटेल बाजार
- कनेक्टेड हेल्थकेयर मॉनिटर
- स्मार्ट जुड़े हुए शहर
मनोज त्रिपाठी , कानपुर
