बदायूं : रुपयों का तकादा करने पर हत्या करके फेंका था आकिल का शव

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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गुरुवार शाम कोतवाली सहसवान क्षेत्र में गन्ने के खेत में मिला था आकिल का कंकाल

सहसवान, अमृत विचार: उधार दिए गए रुपयों का तकादा करने पर आकिल उर्फ अकील की हत्या करके शव गांव धुबिया के गन्ने के खेत में फेंका गया था। गुरुवार को पुलिस ने खेत से युवक का कंकाल बरामद हुआ था। कपड़े, जूते, गमछा से युवक की शिनाख्त हुई थी। युवक लगभग डेढ़ महीने से लापता चल रहा था। पुलिस ने हत्या करने के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने घटना कबूल की है।

सहसवान क्षेत्र के गांव भीकमपुर टप्पा जामनी निवासी आकिल पुत्र मुन्ने खान दिल्ली में रहकर ड्राइवरी करते थे। कभी-कभार ही गांव आते थे। वह एक महीने पहले पत्नी से दिल्ली जाने की बात कहकर घर से निकले थे। जिसके बाद वह लापता हो गए थे। कई दिनों तक आकिल के बारे में पता न चलने पर उनके भई आदिल ने 15 सितंबर को सहसवान में गुमशुदगी कराई थी।

आदिल ने गांव निवासी इश्तकार पुत्र मुख्तयार और शावेश पुत्र शाहिद पर शक जाहिर किया था। कहा कि आकिल को आखिरी बार उन दोनों के साथ बाइक से जाते हुए देखा था। पुलिस ने 24 सितंबर को मुकदमा तरमीम करके जांच तेज की। गुरुवार को गन्ने के खेत में एक कंकाल मिला।

ग्रामीणों ने आकिल का कंकाल होने की आशंका जाहिर की। सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे। कपड़े व अन्य सामान देखकर आकिल का शव होने की पुष्टि की। पुलिस ने कंकाल पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। हत्या की धाराएं बढ़ाई गई थीं। पुलिस ने शुक्रवार सुबह लगभग सवा 10 बजे चौकी नंबर चार से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने हत्या करना कबूल किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कुछ दिन पहले इश्तकार ने आकिल से 45 हजार रुपये उधार लिए थे। आकिल बार-बार रुपयों के लिए तकादा कर रहे थे। लोगों के सामने भी वह रुपये मांगते थे। इश्तकार को शर्मिंदगी लगती थी। जिसके चलते उसने शावेश के साथ मिलकर हत्या करने की साजिश रची। वह दोनों 11 अगस्त को आकिल को घुमाने के लिए बाइक से कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव रमजानपुर ले गए। वापस आते समय गन्ने के खेत के पास आकिल को धक्का देकर गिरा दिया। मुंह, नाक और गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। शव खेत में फेंककर फरार हो गए थे। घटना को अंजाम देने के बाद शावेश जयपुर और इश्तकार दिल्ली चला गया। प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र बहादुर सिंह ने उपनिरीक्षक संजीव कुमार, सिपाही जितेंद्र गौतम, सुमित कुमार के साथ आरोपियों को पकड़ लिया।

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