लखीमपुर खीरी : सांड के तांडव ने ले ली बुजुर्ग की जान, चार लोग घायल
घायलों की हालत गंभीर, जिला अस्पताल में भर्ती
लखीमपुर खीरी, अमृत विचार: सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव महमदपुर कैमहरा में सांड ने हमला कर एक-एक कर चार लोगों को सड़क पर पटक कर घायल कर दिया। इससे अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने किसी तरह से सांड़ को भगाया और सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान घायल 70 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। वह अपने दामाद के घर आए थे।
गांव महमदपुर कैमहरा में बिगडैल सांड गुरुवार की सुबह अचानक हमलावर हो गया। उसने लोगों को दौड़ाकर पटकना शुरू कर दिया। इससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई, लेकिन एक बुजुर्ग समेत पांच लोग उसके निशाने पर आ गए। सांड़ ने सभी को पटक कर सींघों से वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। ग्रामीणों ने जैसे तैसे लाठियां फटकारी औंर पानी आदि फेंककर सांड को भगाया। इतना ही नहीं उसने एक भैंस पर भी हमला किया, जिससे वह भी घायल हुई है। सांड के हमले में गंभीर रूप से घायल रसूलपुर निवासी सबीना, बृजकिशोर, गुड्डा देवी, दियारतन निवासी सुधीर और अपने दामाद के घर आए 70 वर्षीय बाबूराम को आनन-फानन में जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान रात में ही बाबूराम की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया।
ग्रामीणों ने बताया कि घटना की सूचना ग्राम पंचायत अधिकारी, बीडीओ, लेखपाल और एसडीएम सदर को भी दी गई, लेकिन कोई अधिकारी न तो गांव पहुंचा और न ही बिगडैल सांड को पकड़वाने को लेकर कोई कारगर कदम उठाए। इससे नाराज ग्रामीणों ने पूरे मामले की शिकायत सीडीओ अभिषेक प्रकाश से की। ग्राम प्रधान शांति देवा ने बताया कि उन्होंने लेखपाल, उपजिलाधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारियों को सुबह ही सूचना दी थी, लेकिन देर रात तक किसी ने घटनास्थल का दौरा नहीं किया। प्रशासन की इस उदासीनता ने न केवल एक जीवन छीना, बल्कि पूरे गांव में आक्रोश फैला दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि तत्काल सहायता मिलती, तो शायद बाबूराम की जान बच सकती थी। इस घटना ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन की तत्परता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों की मांग के बाद मुख्य विकास अधिकारी ने सांड पकड़वाया, लेकिन तब तक एक वृद्ध का जीवन खत्म हो चुका था। गांव में आज भी गम, भय और रोष का मिजाज है। लोग चाहते हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से न केवल बचाव हो, बल्कि समय पर प्रशासन की सहायता भी सुनिश्चित हो। सीडीओ अभिषेक कुमार ने बताया कि सांड़ को पकड़वाकर उचित स्थान पर छोड़ दिया गया है।
