Bareilly : जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर उपद्रवियों ने बच्चों को किया आगे
गलियों और छतों से भी लोगों ने पुलिस कर्मियों पर पत्थर फेंककर उपद्रवियों का दिया साथ
बरेली, अमृत विचार। जिले में पहली बार जम्मू-काश्मीर की तर्ज पर साजिश कर उपद्रवियों ने हर एक झुंड में बच्चों को आगे किया था। उपद्रवियों ने बच्चों को आगे कर पुलिस पर पथराव किया। यही नहीं लोगों ने गली से लेकर छतों तक से पुलिस पर पथराव कर उपद्रवियों का साथ दिया। पुलिस वीडियो के जरिये सभी को चिन्हित कर रही है।
जुमे की नमाज के बाद कई घंटे तक शहामतगंज में लोगों की भीड़ जमा रही। हैरानी की बात यह है कि हर एक भीड़ के आगे छोटे बच्चे खड़े किए गए थे, जिससे पुलिस कार्रवाई को रोका जा सके। इस दौरान भीड़ ने शहर का माहौल खराब करने की भरसक प्रयास किये। पुलिस ने सभी को कई घंटों तक समझाकर रोकने का प्रयास भी किया। इस दौरान एसपी क्राइम से भीड़ की नोक-झोंक भी हुई, लेकिन जुलूस के रूप से भीड़ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ती गई। मामला बढ़ता देख वहां पहुंचे एसएसपी अनुराग आर्य ने पुलिस फोर्स के साथ उपद्रवियों पर जमकर लाठी चार्ज किया। जिससे वहां पर अफरा-तफरी के साथ भगदड़ मच गई। लोग नारेबाजी करते हुए वहां से नदारद हो गए।
मुनव्वर राणा की बेटी सुमैया राणा को पुलिस ने रोका
लखनऊ से बरेली के लिए आ रही मुन्नवर राणा की बेटी सुमैया राणा को पुलिस ने बरेली सीमा के पास ही रोक दिया। उन्हें जिले में प्रवेश नहीं करने दिया गया। वह पुलिस से मुशायरा में शामिल होने की बात कहकर अंदर जाने की जिद करती रहीं। मगर पुलिस ने उच्चाधिकारियों के आदेश का हवाला देकर उन्हें शहर में नहीं जाने दिया। इसका उन्होंने वीडियो भी फेसबुक पर जारी किया है। इसमें वह पुलिस से कहती दिखाई दे रही हैं कि वह किसी मुशायरा में शामिल होने जा रही हैं। उन्होंने अपने फेसबुक पर लाइव आकर पुलिस प्रशासन के रोकने को लेकर विरोध भी किया। उन्होंने कहा कि वह यहां मुशायरा में शामिल होने आई थीं, लेकिन पुलिस उन्हें कार्यक्रम में नहीं जाने दे रही है। पुलिस पहले ही लाठीचार्ज कर मजलूमों पर अत्याचार कर चुकी उसके बाद भी पुलिस और प्रदेश सरकार की तानाशाही जारी है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का पंपलेट भी दिखाया बावजूद कार्यक्रम में नहीं जाने दिया गया। क्या मैं कोई अपराधी हूं या मेरा कोई हिस्ट्रीशीट रिकार्ड है। सरकार का यह रवैया गलत है।
निर्दोष नहीं होंगे परेशान, दोषी बख्शे नहीं जाएंगे : एसएसपी
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि एक सप्ताह से लगातार धर्म गुरुओं समेत प्रबुद्ध लोगों से वार्ता कर शांति व्यवस्था कायम रखने की अपील की गई। इसके कारण जुमे की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। दोपहर ढाई बजे तक पूरी तरह से शांति कायम रही, लेकिन 3 बजे के करीब अलग-अलग चौराहों से लोगों की भीड़ इस्लामिया इंटर कॉलेज की तरफ रुख करने लगी। जिन्हें पुलिस ने काफी समझाकर रोकने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ मानने को तैयार नहीं थी। भीड़ के तेवर उग्र होते गये और पुलिस टीम पर पथराव कर फायरिंग की गई। इस पर पुलिस ने आवश्यक बल प्रयोग कर सभी को खदेड़ा। इस प्रकरण में जो भी शामिल है। उसे चिन्हित किया जा रहा है। निर्दोषों को परेशान नहीं किया जाएगा और दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पहले ही सभी को नोटिस जारी किए गए थे। पुलिस 24 घंटे जनपदवासियों के साथ है। जिले में कानून व्यवस्था कायम है। फायरिंग के बाद कुछ खोखे और असलहे बरामद किए गए हैं। 170 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जल्द ही दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
वीडियो फुटेज से उपद्रवी किए जा रहे चिन्हित : डीआईजी
पुलिस शुक्रवार की सुबह से ही पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकार्डिंग और फुटेज कवर कर रही थी। इन्हीं वीडियो और फुटेज के आधार पर उपद्रवियों को चिन्हित किया जा रहा है। जो भी इस बवाल के पीछे साजिशकर्ता होगा। उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। सुबह से ही पुलिस-प्रशासन के अधिकारी समेत भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई थी, लेकिन, इस बवाल के पीछे किसी ने साजिश की है। उसकी जांच की जा रही है। जल्द ही मामले में अलग-अलग थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। पथराव और फायरिंग में 10 पुलिस कर्मी घायल भी हुए हैं। इनका इलाज चल रहा है। कुछ पुलिस कर्मियों को छर्रे भी लगे हैं।
