UP: गोरखपुर में नीट छात्र दीपक का हत्यारा जुबैर कालिया रामपुर में ढेर
रामपुर,अमृत विचार। गोरखपुर की पिपराइच के जंगल धूसड़ महुआचाफी गांव में छात्र दीपक गुप्ता की हत्या मामले में फरार चल रहे पशु तस्कर हिस्ट्रीशीटर जुबैर उर्फ कालिया को रामपुर पुलिस ने मुठभेड में ढेर कर दिया। शुक्रवार रात एसपी विद्यासागर मिश्र के निर्देशन में सीओ सिटी जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नीट छात्र हत्याकांड के मुख्तारोपी की घेराबंदी करते हुए कार्रवाई को अंजाम दिया।
शुक्रवार रात सीओ सिटी जिनेंद्र कुमार को एक संदिग्ध मोटरसाइकिल के संबंध में पुलिस कंट्रोल रुम को सूचना दी गई। सूचना पर नगर क्षेत्रान्तर्गत चैकिंग अभियान चलाया गया। थाना गंज क्षेत्रान्तर्गत चाकू चौराहे के पास सीओ सिटी द्वारा थाना गंज पुलिस के साथ चैकिंग की जा रही थी। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर 2 संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिये, जिन्हे रुकने का इशारा किया गया तो भागने लगे। पुलिस बल द्वारा घेरने का प्रयास किया तो मोटरसाइकिल सवार द्वारा पुलिस टीम पर फायरिंग की गयी। पुलिस टीम द्वारा आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्यवाही की गयी। जिसमें जुबैर उर्फ कालिया पुत्र फिरासत उर्फ नौरंगी निवासी घेर मर्दान खां थाना कोतवाली रामपुर घायल हुआ तथा एक व्यक्ति अन्धेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। आरोपी जुबैर को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों द्वारा जुबैर को मृत घोषित कर दिया गया।
फायरिंग में दो पुलिसकर्मी घायल
जुबैर द्वारा की गई फायरिंग में उपनिरीक्षक राहुल जादौन व आरक्षी संदीप कुमार घायल हो गए। सीओ सिटी द्वारा पहनी गई बुलेट प्रुफ जैकेट में भी गोली लगी, घायल पुलिस कर्मियों को उपचार के लिए जिला अस्पताल रामपुर में भर्ती कराया गया है।
डीआईजी रात में ही मौके पर पहुंचे
डीआईजी मुरादाबाद रेंज मुनिराज जी, डीएम रामपुर जोगिंदर सिंह, पुलिस अधीक्षक विद्यागर मिश्र रामपुर द्वारा रात में ही घटनास्थल का जायजा लिया गया। जिला अस्पताल रामपुर जाकर घायल पुलिसकर्मियों से मुलाकात कर कुशलता की जानकारी ली।
गोरखपुर में 15 सितंबर को हुई थी नीट छात्र की हत्या
गोरखपुर छात्र हत्याकांड के बाद जुबैर पर एक लाख रुपये का ईनाम रखा गया था। गोरखपुर में 19 साल के दीपक गुप्ता की उस समय हत्या कर दी गई थी जब वह तस्करों को जानवरों की चोरी करने से रोक रहा था। दीपक मेडिकल एंट्रेस एग्जाम नीट की तैयारी कर रहा था। इस हत्या के पीछे रामपुर के शहर कोतवाली के मोहल्ला घेर मर्दान खां निवासी जुबैर का नाम सामने आया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार जुबैर सिर्फ गोरखपुर ही नहीं, बल्कि गोंडा, बहराइच, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर से लेकर बिहार तक फैले पशु तस्करी के गढ़ में सक्रिय था। शुक्रवार रात एसटीएफ और रामपुर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए जुबैर की तलाश में घेराबंदी की। गंज थाना क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में जुबैर मारा गया। एसपी रामपुर विद्या सागर मिश्र ने बताया रात में जुबैर को मुठभेड़ हुई है, जिसमें जुबैर मारा गया है। पुलिस मामले में अग्रिम कार्रवाई कर रही है।
ज़ुबैर की लगातार तलाश में थी गोरखपुर और रामपुर पुलिस
जुबैर को पुलिस काफी समय से तलाश रही थी। पुलिस लगातार उसके ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी,लेकिन आरोपी पुलिस की पकड़ नहीं पा रहीं थी।आरोपी जुबेर कोतवाली थाना क्षेत्र के घेर मर्दन का रहने वाला था। उसके ऊपर काफी मुकदमे थे। पुलिस लगातार उसके करीब से भी पूछताछ कर रही थी। ताकि जल्द से जल्द जुबैर को पकड़ा जा सके।
15 सितंबर की रात हुई थी घटना, प्रदेश स्तर पर गूंजा था मामला
15 सितंबर की रात तस्करों ने घटना को अंजाम दिया था। जैसे ही तस्कर अपनी गाड़ियों में सवार होकर भागने लगे, दीपक उनमें से एक का पीछा करने लगा। पशु तस्करों ने उसे अपनी गाड़ी में खींच लिया और उसकी पिटाई कर दी। बाद में वह अपने घर से लगभग 4 किलोमीटर दूर, सिर में गंभीर चोट के साथ मृत मिला। मामला प्रदेशभर में गरमाया और चर्चा का विषय बना हुआ था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया और परिजनों को ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया।
रामपुर के नंबर की पिकअप से जुबैर तक पहुंची पुलिस
रामपुर के नंबर की पिकअप घटना में इस्तेमाल हुई थी। जिससे जुबैर तक पुलिस पहुंची थी। सीसीटीवी में जिस पिकअप का इस्तेमाल गो तस्करी के लिए किया गया वो पता चला। इसके बाद पिकअप रामपुर की पाई गई। यही से पुलिस को जुबैर तक पहुंचने में आसानी हुई। शुक्रवार रात एसटीएफ और रामपुर पुलिस की कार्रवाई में जुबैर का अंत हो गया।
