Alert: प्रदेश में 10 हजार महिलाएं ओवरी कैंसर से ग्रसित, केजीएमयू ने साझा किए डराने वाले आंकड़े जानकारी
लखनऊ, अमृत विचार : प्रदेश में करीब 10 हजार महिलाएं ओवरी (अंडाशय) के कैंसर से मुकाबला कर रही हैं। 75 से 80 में एक महिला को ओवरी के कैंसर की आशंका रहती है। पेट में गैस, सूजन, भूख में कमी, वजन घटना व बार-बार यूरीन आने की समस्या इसके प्रमुख लक्षण हैं। लक्षण दिखने पर लापरवाही नहीं करना चाहिए। तत्काल विशेषज्ञ से सलाह लें। यह सलाह केजीएमयू सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार ने दी। वह शनिवार को शताब्दी भवन के तीसरे तल पर आयोजित जागरुकता कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग के डॉ. नसीम अख्तर ने कहा कि शर्म और झिझक की वजह से महिलाएं बीमारी छिपाती हैं। यही वजह है कि महज 20 से 30 प्रतिशत महिलाएं पहली व दूसरी स्टेज में अस्पताल आ रही हैं। करीब 70 फीसदी महिलाएं तीसरे या चौथे स्टेज में अस्पताल आ रही हैं। उन्होंने कहा कि छह से आठ माह के इलाज के बाद काफी मरीज सामान्य जीवन जीने लगते हैं।
डॉ. नसीम ने कहा कि कैंसर का इलाज महंगा जरूर है। लेकिन सरकार मरीजों के इलाज में आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। आयुष्मान, विपन्न, असाध्य, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री राहत कोष योजनाओं का संचालन हो रहा है। डॉ. समीर गुप्ता ने कहा कि कैंसर छूने या साथ में खाना खाने से नहीं फैलता है। कैंसर मरीजों से सामान्य लोगों जैसा ही बरताव करें। इस मौके पर मरीजों ने इलाज के अनुभव भी साझा किए। डॉ. राजीव गुप्ता ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान मरीजों को ग्रीन कार्ड बांटे गए। इस कार्ड की मदद से मरीज ओपीडी में आसानी से डॉक्टर की सलाह पा सकेंगे।
