रील्स में खो रही प्रतिभा, थियेटर देता असली पहचान, युवा लेखक और निर्माता नमन मेहरा ने खोले कई राज 

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
On

शार्ट फिल्म ‘धुंधली यादें’ ने झटके 8 अवार्ड

किसी भी चीज के दो पहलु होते हैं एक अच्छा और एक बुरा, सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग ने जहां युवाओं को कम समय में बड़ा नाम दिया तो इसकी वजह से असली प्रतिभा खो सी गई। अभिनय में रुचि रखने वाले ऐसे युवा रील्स तक सिमट गए जब कि उनको असली पहचान थियेटर ही दे सकता है। इसलिए कलाकारों को रील्स की दुनिया से निकलना जरूरी है। यह कहना है शहर के युवा लेखक व निर्माता नमन मेहरा का। हाल में नमन मेहरा की शार्ट फिल्म ‘धुंधली यादें’ को देश के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले फिल्म फेस्टिवल में अलग-अलग कैटेगरी में 8 अवार्ड मिले हैं। इसके साथ कुल 22 फिल्म फेस्टिवल में शॉर्ट फिल्म ने जगह बनाई।   

MUSKAN DIXIT (32)

शहर के फजलगंज के रहने वाले नमन मेहरा द्वारा बनाई गई शार्ट फिल्म बीते 5 सितंबर को यूट्यूब प्लेट फॉर्म पर रिलीज हुई। नमन मेहरा ने बताया कि फिल्म 9 मिनट 28 सेकेंड की हैं जो अल्जाइमर डिनेशियल्स यानी भूलने की बीमारी पर आधारित  है। शॉर्ट फिल्म में बुढ़ापे में होने वाली समस्या और उसके उपायों को बताया गया है। नमन ने कहा कि बूढ़ा और बच्चा एक समान होता है। जब आपका बच्चा कोई बात भूलता है तो क्या आप उसको डांटते या मारते हो…नहीं तो फिर लोग बुढ़ापे में अपने माता-पिता व बुजुर्गों के साथ यह व्यवहार कैसे कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि फिल्म आधारित कहानी को देश के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले फिल्म फेस्टिवल में भी दिखाया गया जिसे लोगों ने खूब पसंद किया है। 

MUSKAN DIXIT (33)

बांद्रा फिल्म फेस्टिवल में मिला बेस्ट शॉर्ट फिल्म का अवार्ड

नमन मेहरा ने बताया कि बांद्रा फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट शॉर्ट फिल्म का अवार्ड मिला है। इसके साथ धनबाद इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, 2025 में सर्वश्रेष्ठ निर्देशक, सर्वश्रेष्ठ निर्माता, सर्वश्रेष्ठ कहानी, सर्वश्रेष्ठ पटकथा और सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म को अवार्ड मिला साथ ही फ्रेन्ज़ी फिल्म महोत्सव, कोलकाता में सर्वश्रेष्ठ कहानी (आलोचक पुरस्कार) मिला है। इसके साथ ही 7 सिस्टर्स नॉर्थ ईस्ट इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, 2025 और थाईलैंड गदुरा अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2025, अंतर्राष्ट्रीय टैगोर फिल्म पुरस्कार में भी फिल्म को पुरस्कार मिल चुका है।

अब वेब सीरीज बनाने पर कर रहा काम

शहर के डीपीएस आजाद नगर से स्कूलिंग पूरी करने वाले 32 वर्षीय नमन मेहरा ने बताया कि पिता के दोस्त अश्वनी धीर सर हैं। जिन्होंने प्रसिद्ध धारावाहिक लापतागंज बनाया। उनकी प्रेरणा से ही राइटर और निर्माता बनने का बल मिला है। ‘बाला’ फिल्म में कास्टिंग असिस्टेंट से शुरुआत की इसके बाइ कई प्रोजेक्ट के साथ जुड़ा और बारीकियां सीखीं। उन्होंने बताया कि सबसे पहले शार्ट फिल्म ‘यह सवाल ही क्यों बनाया’ यूट्यूब पर रिलीज की थी, लेकिन उसे ज्यादा फेम नहीं मिला इसके बाद जिया अहमद खान, त्रिशिखा त्रिपाठी और अक्षत शुक्ला के साथ मिलकर ‘धुंधली यादें’ शॉर्ट फिल्म बनाई जिसे लोगों ने सराहा है। उन्होंने का कि अब वेब सीरीज बनाने पर काम कर रहा हूं।

लेखक- अभिषेक वर्मा

संबंधित समाचार