रामपुर : सांसद ने शिक्षकों को दिया टीईटी मुद्दा संसद में उठाने का आश्वासन, शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन
रामपुर, अमृत विचार। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह चौहान के नेतृत्व में शिक्षक सांसद मोहिबुल्लाह नदवी के तोपखाना स्थित कैंप कार्यालय पर पहुंचे। उसके बाद ज्ञापन सौंपा। सांसद ने शिक्षकों को टीईटी अनिवार्यता खत्म करने के मुद्दे को संसद में उठाने का आश्वासन दिया है। सांसद को सौंपे ज्ञापन में कहा गया है कि 29 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी को थोपा गया है।
उन्होंने कहा कि निशुल्क शिक्षा एवं बाल अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 23 उप धारा 2 के तहत स्पष्ट प्रावधान किया गया है कि 29 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की शर्त लागू नहीं होती। 29 जुलाई 2011 के बाद नियुक्त सभी शिक्षक अनिवार्य रूप से टीईटी के माध्यम से ही भर्ती हुए हैं।
इसी प्रकार समय-समय पर जिस स्तर पर भर्तियां निकलीं और जो अहर्ताएं रखी गईं सरकार के द्वारा सभी अहर्ताओं को पूर्ण करते हुए ही शिक्षकों ने अपनी नियुक्तियां प्राप्त की हैं। हाल ही में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले की गलत व्याख्या एवं उससे फैली भ्रांतियों के चलते शिक्षक समाज में गहरी बेचैनी और आक्रोश व्याप्त है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से शिक्षक अवसाद ग्रस्त हो रहे हैं।
कई शिक्षक असमय काल के गाल में समा गए हैं। निर्णय की आड़ में पूर्व नियुक्त शिक्षकों को परेशान करना न केवल न्याय के विरुद्ध है बल्कि शिक्षा व्यवस्था को भी अस्थिर करेगा। मांग है कि सरकार स्पष्ट आदेश जारी कर 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करे, जिससे शिक्षकों में व्याप्त असमंजस की स्थिति समाप्त हो सके।
सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा कि मैं हमेशा शिक्षकों के साथ खड़ा हूं। हम लगातार शिक्षकों के इस मुद्दे को विभिन्न माध्यमों से रख रहे हैं। आने वाले संसद सत्र में भी इस मुद्दे को सरकार के समक्ष मजबूती के साथ रखने का काम किया जाएगा। संसद सत्र में भी शिक्षकों की आवाज को मजबूती से रखूंगा। आपका पक्ष सरकार तक पहुंचाउंगा।
शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए वे हर स्तर पर संघर्षरत रहेंगे। इसके अलावा उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अहसान ने भी प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सांसद को सौंपा। जिसमें टीईटी को लेकर विरोध जताया गया है।
ज्ञापन सौंपने वालों में यह लोग रहे शामिल
प्रेम सिंह चौहान, चरन सिंह, डॉ. सरफराज अहमद, नरेंद्र सैनी, विपिन कुमार, सौरभ शर्मा, प्रसन्न प्रकाश्र सलोनी लोचन, किरण शर्मा, तरुण पांडे, महेंद्र कुमार, राकेश कुमार गंगवार , हमेंद्र देव, प्रताप सिंह गंगवार, परवेज अहमद, राम किशोर, नदीम अहमद, सलीम, डॉ. एहसान खां, नरेश कुमार, अफरोज मियां, अशोक रावत, लक्ष्मण सिंह, जबर सिंह, सरदार राजेंद्र सिंह आदि।
